बड़ी खबर: दुष्कर्म मामले में राजा धर्मेंद्र सिंह बरी, हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक का फैसला रद्द

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती राजघराने के राजा धर्मेंद्र सिंह को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राजपरिवार की एक महिला द्वारा लगाए गए अननैचुरल रेप के गंभीर आरोपों से कोर्ट ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष मानते हुए बाइज्जत बरी कर दिया है। जस्टिस ने फास्ट ट्रैक कोर्ट, सक्ती द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष के सबूत आरोप सिद्ध करने के लिए नाकाफी हैं।

क्या था पूरा मामला?

साल 2022 में शाही परिवार की एक महिला ने राजा धर्मेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। महिला ने सक्ती पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने राजा धर्मेंद्र सिंह पर घर में घुसकर अननैचुरल रेप करने का इल्जाम लगाया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए सक्ती की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने 21 मई 2025 को धर्मेंद्र सिंह को दोषी माना था और सात साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद राजा धर्मेंद्र सिंह ने इस फैसले को बिलासपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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हाईकोर्ट ने सजा की रद्द, राजा निर्दोष

धर्मेंद्र सिंह की अपील पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने सभी सबूतों की बारीकी से जांच की। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष यानी आरोप लगाने वाले पक्ष ने जो सबूत पेश किए, वे आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजा को केवल संदेह का लाभ नहीं दिया जा रहा है, बल्कि सबूतों की कमी के चलते ही उन्हें पूरी तरह निर्दोष घोषित किया जा रहा है। इसके साथ ही, फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद सक्ती राजघराने और उनके समर्थकों में खुशी और राहत का माहौल है।

 

 

 

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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