ड्रग्स क्वीन' नव्या के 620 ग्राहकों की कुंडली तैयार; रसूखदारों के 'चिरागों' को बचाने 4 महीने से फाइलों में धूल फांक रही लिस्ट

ड्रग्स क्वीन' नव्या के 620 ग्राहकों की कुंडली तैयार; रसूखदारों के 'चिरागों' को बचाने 4 महीने से फाइलों में धूल फांक रही लिस्ट

रायपुर: राजधानी में 'उड़ता पंजाब' की तर्ज पर चल रहे ड्रग्स के बड़े खेल का खुलासा तो हो गया है, लेकिन सिस्टम की रफ्तार देखकर लगता है कि उसे रसूखदारों की नींद की ज्यादा फिक्र है। पुलिस ने 'ड्रग्स क्वीन' नव्या मलिक और फोरम विधि अग्रवाल समेत 43 तस्करों को पकड़कर 620 ऐसे शौकीनों की सूची तैयार की है, जो हर महीने 20 लाख रुपए तक का नशा फूंक रहे थे। हैरत की बात यह है कि इस लिस्ट में शामिल अधिकांश नाम नेताओं, बड़े अफसरों और कारोबारियों के घरों के चिराग हैं। पुलिस ने इन रसूखदारों को थाने बुलाकर पूछताछ तो की, लेकिन बिना किसी कार्रवाई के ससम्मान विदा कर दिया। वहीं, नशा छुड़ाने के लिए बनाई गई काउंसलिंग की फाइल पिछले चार महीने से सरकारी दफ्तरों में ठंडी पड़ी है।

क्या है पूरी कहानी.....

कहानी की शुरुआत 23 अगस्त 2025 से होती है। हरियाणा का तस्कर मोनू विश्नोई ट्रेन से नशे की खेप लेकर रायपुर उतरता है। वह क्वीन नव्या को कॉल मिलाता है, लेकिन मैडम शहर से बाहर थीं। नव्या अपने खास गुर्गों- हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को एक्सप्रेस-वे के पास माल की डिलीवरी लेने भेजती है। लेकिन, इस बार मुखबिर का नेटवर्क तस्करों से ज्यादा तेज निकला। जैसे ही पैकेट इधर से उधर हुए, पहले से घात लगाए बैठी पुलिस ने तीनों को रंगे हाथों दबोच लिया।

Read More सब्जियों के नीचे छिपा था करोड़ों के ड्रग्स नेटवर्क का राज! गरियाबंद बॉर्डर पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 65 लाख का गांजा जब्त

कॉल डिटेल से खुली 620 'शौकीनों' की पोल

Read More सरगुजा में हाई वोल्टेज ड्रामा एसपी ने ज्ञापन लेने से किया किनारा आईजी दफ्तर पहुंचे अफसरों के पीछे पीछे पहुंचे एसपी

गिरफ्तारी के बाद जब नव्या और उसके 43 साथियों के मोबाइल और बैंक खातों की कुंडली खंगाली गई, तो जो राज खुले, उसने सिस्टम के पसीने छुड़ा दिए। जांच में 620 ऐसे नंबर मिले जो नियमित रूप से सूखा नशा खरीद रहे थे। इनमें से 320 तो सीधे तौर पर नव्या और विधि के खास कस्टमर थे, जिनका महीने का ड्रग्स का बजट ही 10 से 20 लाख रुपए के बीच था।

पुलिस ने इन रसूखदार युवाओं को थाने तो बुलाया, लेकिन उनके हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड की चमक देखकर पुलिस की आंखों में शायद ऐसी चौंध लगी कि बिना किसी ठोस कार्रवाई या बॉन्ड भरवाए ही उन्हें जाने दिया गया। आखिर, बड़े घरों के बच्चों को थाने की हवा रास जो नहीं आती!

काउंसलिंग का 'सरकारी' इंतजार: 4 महीने से फाइलें खा रही हैं धूल

पुलिस ने अपनी कागजी जिम्मेदारी निभाते हुए इन 620 युवाओं की सूची (नाम, पते और मोबाइल नंबर के साथ) गृह विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को भेज दी थी। योजना थी कि सरकार विशेषज्ञों के जरिए इन भटके हुए युवाओं की काउंसलिंग कराएगी। साथ ही, उनके अनजान परिजनों को बुलाकर यह बताया जाएगा कि उनके बच्चे हर साल लाखों रुपए आखिर कहां और कैसे फूंक रहे हैं, ताकि वे पैसे देते वक्त सतर्क रहें। लेकिन, विडंबना देखिए कि 4 सितंबर 2025 को इस खबर के प्रकाशित होने और इनपुट मिलने के बावजूद, यह सूची पिछले चार महीने से सरकारी टेबलों पर धूल खा रही है। सरकार शायद किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रही है, और तब तक ये रसूखदार युवा मजे से अपना सूखे नशे का मजा ले रहे हैं...

 

Tags:

Latest News

IPL फाइनल की आड़ में करोड़ों का सट्टा खेल! रायगढ़ में पुलिस का बड़ा धावा, 32 लाख कैश और नोट गिनने की मशीन बरामद IPL फाइनल की आड़ में करोड़ों का सट्टा खेल! रायगढ़ में पुलिस का बड़ा धावा, 32 लाख कैश और नोट गिनने की मशीन बरामद
रायपुर में खनिज माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई! रेत-बोल्डर से भरे 8 हाईवा जब्त, मचा हड़कंप
GTB अस्पताल से 7 महीने का मासूम गायब! भरोसा जीतकर मां की गोद से बच्चा ले उड़ी शातिर महिला
सूर्या हत्याकांड के बाद बड़ा एक्शन! एनकाउंटर में ढेर असद के घर पहुंचा नोटिस, 15 दिन में जवाब नहीं तो चलेगा बुलडोजर
GST से छलका सरकारी खजाना! मई में 1.94 लाख करोड़ की बंपर कमाई, अर्थव्यवस्था ने दिखाई नई ताकत
सराफा कारोबारी हत्याकांड में जंगल बना राज़ का गवाह! जला बैग और बिखरे सबूतों ने खोले कई सवाल
गर्मी का कहर इंसानों के बाद वन्यजीवों पर भी भारी, मरवाही के जंगल में हीट स्ट्रोक से मादा भालू की मौत
नायब तहसीलदार से कथित मारपीट पर उबाल, कर्मचारी संगठनों की दो टूक, अधिकारियों की सुरक्षा नहीं हुई तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: आजीविका और शोषण के बीच अंतर समझना जरूरी, कानून का फोकस तस्करी व व्यावसायिक शोषण पर
मजीठा विवाद पर पुलिस का बड़ा एक्शन, कई टीमों की दबिश से पंजाब की सियासत में हलचल
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा: ड्रोन और रडार ठिकानों पर कार्रवाई, दोनों पक्षों के दावों से बढ़ी चिंता
नई साजिश की आशंका! जम्मू-कश्मीर में नई रणनीति के तहत सक्रिय हो सकते हैं आतंकी समर्थक नेटवर्क, जांच में जुटीं एजेंसियां