राष्ट्रीय जगत विजन की खबर का असर: 87 साल की बुजुर्ग से 23 लाख, जमीन और गाड़ियां हड़पने वाले भाजपा नेता पर FIR, इच्छामृत्यु मांगने पर जागा प्रशासन...
NJG DESK | बिलासपुर।
सुशासन के दावों के बीच सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती 87 वर्षीय बालकुंवर बसोर की दर्दनाक दास्तान पर आखिरकार प्रशासन की नींद टूट गई है। राष्ट्रीय जगत विजन द्वारा प्रमुखता से उठाए गए मुद्दे का बड़ा असर हुआ है। एक बेसहारा बुजुर्ग की जिंदगी भर की पूंजी, जमीन और गाड़ियां हड़पने वाले भाजपा समर्थित नेता और केंदा निवासी पंच फागुन प्रसाद प्रजापति के रसूख पर पुलिस ने विराम लगा दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और जांच के बाद मामले में और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी।
इच्छामृत्यु की गुहार से झुका सिस्टम
बेलगहना ग्राम पंचायत के कृष्णनगर की रहने वाली बालकुंवर बसोर छौआ-टुकनी बेचकर अपना जीवन यापन करती हैं। पति और दो बेटों का साया उठने के बाद वह अकेली रह गई थीं। न्याय के लिए थानों और अफसरों के चक्कर काट-काटकर जब वह पूरी तरह टूट गईं, तो उन्होंने आईजी दफ्तर पहुंचकर डीएसपी विवेक शर्मा को इच्छामृत्यु' का आवेदन सौंप था। और कहा था कि जब सिस्टम और सरकार मुझे मेरा हक नहीं दिला सकती तो मुझे चैन से मरने की अनुमति मिलना चाहिए। एक 87 वर्षीय महिला का सुशासन शिविर में मौत मांगना सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा था। खबर प्रकाशित होने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस ने आनन-फानन में एफआईआर दर्ज कर ली।
हमदर्द बनकर ऐसे लूटी जिंदगी भर की कमाई
आरोपी फागुन प्रसाद (उर्फ मोनू) ने बेसहारा बुजुर्ग का हमदर्द और बेटा बनकर उनके अकेलेपन का फायदा उठाया। आरोपी ने ठगी के लिए जो स्क्रिप्ट तैयार वो किसी को भी हैरान कर सकती है
पहले KYC के नाम पर 23 लाख पार
आरोपी ने ग्रामीण बैंक में केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के बहाने धोखे से कागजों पर अंगूठा लगवाया और 14 दिसंबर 2021 को महिला के खाते से 23 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए।
फागुन प्रसाद ने धान बेचने के बहाने हड़पी 6.18 एकड़ जमीन:
पंच फागुन मंडी में धान बिक्री का काम कराने का झांसा देकर बुजुर्ग को कोटा तहसील ले गया। वहां दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाकर ग्राम लूफा स्थित खसरा नंबर 763 और 991/2 की करीब 6.18 एकड़ कृषि भूमि की अपने नाम रजिस्ट्री करा ली।
बीमा रिन्यूअल कराने के नाम पर गाड़ियां कराई अपने नाम....
टाटा ऐस (छोटा हाथी), सेंट्रो कार और अन्य वाहन का रतनपुर में बीमा नवीनीकरण कराने के बहाने कागजों पर अंगूठा लगवाया और तीनों गाड़ियां अपने नाम कर लीं। आरोप है कि घर में रखा सोना-चांदी भी आरोपी ले उड़ा।
पूर्व एसडीओपी की भूमिका भी सवालों घेरे में
इस मामले ने पुलिस की पूर्व महिला अधिकारी की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। पीड़िता का आरोप है कि तत्कालीन महिला एसडीओपी ने 2 लाख रुपए लेकर आरोपी को बचाने के लिए धारा 174 के तहत खात्मा (फेना) काट दिया था। आरोपी सरेआम कहता था कि थाने से लेकर बड़े अफसरों तक वह पैसा पहुंचाता है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पैसे और जमीन वापस मांगने पर वह जान से मारने की धमकियां देता था।
अब पुलिस ने लिए एक्शन....
लंबे समय से सिस्टम की धूल फांक रही इस फाइल में राष्ट्रीय जगत विजन की खबर के बाद नई जान आ गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का दावा है कि ऐसे जालसाजों को बख्शा नहीं जाएगा। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इस आरोपी को सलाखों के पीछे भेजकर बेसहारा बालकुंवर को उनकी जीवन भर की कमाई वापस दिला पाती है।
