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नशे के कारोबार पर कड़ा वार: रायपुर में SAFEMA के तहत 13 प्लॉट और डेढ़ करोड़ की संपत्ति जब्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। SAFEMA (संपत्ति जब्ती अधिनियम) के तहत खरोरा थाना क्षेत्र के गांजा तस्कर राकेश वर्मा की अवैध रूप से अर्जित करोड़ों की अचल संपत्ति जब्त कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के नाम दर्ज 13 प्लाटों को जब्त किया, जिनकी कुल कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है।
7 महीने से फरार आरोपी
राकेश वर्मा लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। 20 मई 2025 को खरोरा थाना क्षेत्र में एसीसीयू और खरोरा पुलिस की संयुक्त टीम ने छड़िया गांव में दबिश देकर गांजा तस्कर मोहन सिंह कोशले को गिरफ्तार किया था। जांच में मोहन से करीब 27.894 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 4.18 लाख रुपए बताई गई।
नशे के पैसों से खरीदी संपत्ति
पुलिस पूछताछ में मोहन ने खुलासा किया कि बरामद गांजा राकेश वर्मा का था। जांच के दौरान पता चला कि वर्मा ने नशे से अर्जित पैसे से अपने परिवार के नाम संपत्तियां खरीदी थीं। दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने SAFEMA कोर्ट मुंबई में संपत्ति जब्ती का प्रतिवेदन भेजा।
SAFEMA कोर्ट का आदेश
सुनवाई के बाद SAFEMA कोर्ट ने आदेश जारी किया और खपरीडीह खुर्द, खरोरा क्षेत्र में राकेश वर्मा एवं उसके परिवार के नाम दर्ज कुल 13 प्लाटों को जब्त कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि इन प्लाटों की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपए है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
खरोरा पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ जारी सख्त रवैये का हिस्सा है और राज्य में अवैध नशा तस्करी पर कड़ा संदेश देती है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
