सूरजपुर के पैरामेडिकल संस्थान पर गंभीर आरोप: फीस लेने के बाद छात्रों को परीक्षा से किया वंचित, कार्रवाई की मांग
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में संचालित एक निजी पैरामेडिकल संस्थान पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। तिलसिंवा स्थित गुरुकुल पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के संचालकों के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने पुलिस और जिला प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित विद्यार्थियों का आरोप है कि संस्थान प्रबंधन ने डीएमएलटी (DMLT) और बीएमएलटी (BMLT) पाठ्यक्रमों की पूरी फीस जमा कराने के बावजूद उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं कराया गया है। छात्रों का कहना है कि फीस जमा होने के बाद भी न तो उनकी नियमित परीक्षा कराई गई और न ही उन्हें वैध शैक्षणिक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे उनका एक पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो गया।
शिकायत में छात्रों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने परीक्षा, प्रमाण-पत्र या फीस वापसी को लेकर संस्थान प्रबंधन से संपर्क किया, तब उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें टाल दिया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार मांग उठाने पर उन्हें अपमानित कर वापस भेज दिया गया।
छात्रों ने संस्थान संचालक राम नेवाज साहू और प्राचार्य संध्या साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया। विद्यार्थियों का दावा है कि परीक्षा और प्रमाण-पत्र से जुड़ी जानकारी मांगने पर उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया है।
पीड़ित छात्रों के अनुसार, वर्तमान में संस्थान का संचालन भी बंद बताया जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्हें न तो परीक्षा संबंधी स्पष्ट जानकारी मिल रही है और न ही शैक्षणिक दस्तावेज।
मामले को लेकर प्रभावित विद्यार्थियों ने थाना सूरजपुर और कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। छात्रों ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और शैक्षणिक नुकसान पहुंचाने के मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, शिकायत के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
