बड़ा खुलासा! संसद मार्च में पैलेट गन चलाने वाले RAF जवान की पहचान, CRPF जांच में सामने आई पूरी कहानी
नई दिल्ली। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में निकाले गए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की आंतरिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच टीम ने उस रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) जवान की पहचान कर ली है, जिसने प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से फायरिंग की थी। अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच अंतिम चरण में है।
जांच में क्या सामने आया?
सीआरपीएफ सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संबंधित जवान ने कुल सात राउंड फायर किए थे।
- पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगे।
- दो राउंड जमीन पर दागे गए।
बताया जा रहा है कि पूरी फायरिंग कनॉट प्लेस क्षेत्र में हुई थी। जांच अधिकारी अब यह भी पता लगा रहे हैं कि पैलेट गन का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया और क्या यह तय मानकों के अनुरूप था।
एक सप्ताह में आ सकती है जांच रिपोर्ट
सीआरपीएफ की आंतरिक जांच टीम पूरे घटनाक्रम की क्रमवार समीक्षा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, अगले एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जवान और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान हुआ था बवाल
20 जुलाई को मानसून सत्र के पहले दिन छात्र संगठनों ने कथित परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इसी दौरान छात्रों ने आरोप लगाया था कि उन पर पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, उस समय दिल्ली पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया था।
अस्पताल की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद
घटना के बाद कम से कम चार प्रदर्शनकारियों के पैलेट से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। सफदरजंग अस्पताल ने एक घायल के शरीर पर पैलेट से लगी चोटों की पुष्टि की थी। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया और विपक्ष ने संसद के भीतर और बाहर सरकार से जवाब मांगा।
RAF के लिए नए निर्देश जारी
घटना के बाद RAF की महानिरीक्षक सीमा ढूंढिया की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली में अगले आदेश तक प्रोजेक्टाइल एक्शन गन (PAG), एंटी रायट गन (ARG), इलेक्ट्रिक शॉक हथियार और इलेक्ट्रिक शील्ड के इस्तेमाल और जारी करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।सूत्रों के अनुसार, बैठक में जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान बल प्रयोग के तरीके पर भी असंतोष जताया गया और भविष्य में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
