93 साल का रिकॉर्ड चकनाचूर! 16 इंच बारिश से बिलासपुर बना समंदर, ट्रेनें-बिजली-स्कूल सब प्रभावित, एक की मौत, अगले 48 घंटे भी भारी बारिश का अलर्ट
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ने ऐसी बारिश देखी, जिसने पिछले 93 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। महज 24 घंटे में 415.6 मिमी (करीब 16.3 इंच) बारिश दर्ज की गई, जो दशकों में सबसे अधिक मानी जा रही है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। मुख्य सड़कें नदी जैसी नजर आईं, कई कॉलोनियों और मोहल्लों में कमर तक पानी भर गया, जबकि निचले इलाकों के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मोटर बोट तक चलानी पड़ी। इस भीषण बारिश के बीच एक महिला की डूबने से मौत हो गई। वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटे तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।
1933 का रिकॉर्ड भी टूटा
मौसम विभाग के अनुसार, बिलासपुर में 24 घंटे के दौरान 415.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 1933 में अविभाजित बिलासपुर जिले में लगभग 14.93 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इस बार हुई बारिश ने उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2021 में 24 घंटे में 123.2 मिमी (करीब 4.8 इंच) बारिश दर्ज हुई थी, जिसे अब तक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता था।
शहर की रफ्तार पूरी तरह थमी
लगातार बारिश ने पूरे शहर की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, कई कॉलोनियों में घरों के अंदर तक पानी भर गया और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई इलाकों में प्रशासन और राहत दलों ने नाव के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। शहर का संपर्क कई प्रमुख मार्गों से टूट गया। राष्ट्रीय राजमार्गों, पुलों और पुलियों पर पानी भरने से यातायात रोकना पड़ा। कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क भी प्रभावित हुआ।![]()
रेलवे और बस सेवा पर बड़ा असर
बारिश का असर रेलवे संचालन पर भी साफ दिखाई दिया। बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड में पटरियों पर पानी भरने के कारण 7 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 4 ट्रेनों का मार्ग बदला गया। कुछ ट्रेनें निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही वापस लौटा दी गईं और एक मेमू ट्रेन को बीच रास्ते में ही समाप्त करना पड़ा। सड़क परिवहन भी प्रभावित रहा। लगभग 80 बसों का संचालन प्रभावित हुआ। शिवरीनारायण, सीपत, खोड़री नाला, लगरा नाला और अन्य मार्गों पर जलभराव के कारण कई बसों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। कोरबा, मुंगेली, कोटा और लोरमी रूट पर भी बसों की आवाजाही सीमित रही।
बिजली व्यवस्था ठप, कई इलाके अंधेरे में
लगातार बारिश के कारण शहर के तीन प्रमुख विद्युत उपकेंद्र (सब-स्टेशन) पानी में डूब गए। इसके अलावा 17 ट्रांसफार्मर जलमग्न हो गए। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित हुए। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पानी कम होने के बाद ही ट्रांसफार्मरों और सब-स्टेशनों की जांच कर बिजली आपूर्ति सामान्य की जाएगी।
स्कूल बंद, परीक्षाएं भी प्रभावित
जलभराव और आवागमन बाधित होने के कारण जिले के स्कूल बंद रखने पड़े। कई छात्र पूरक परीक्षा और सेमेस्टर परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सके। कुछ परीक्षा केंद्रों को बदलना पड़ा, जबकि कई परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पूरे संभाग में बारिश का असर
सिर्फ बिलासपुर ही नहीं, पूरे बिलासपुर संभाग में जोरदार बारिश दर्ज की गई। जांजगीर-चांपा में 170 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 75 मिमी, मुंगेली में 58.8 मिमी, कोरबा में 47.4 मिमी, सक्ती में 38.5 मिमी, रायगढ़ में 34 मिमी और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) में 33.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी 50 से 170 मिमी तक वर्षा दर्ज होने से जनजीवन प्रभावित रहा।
आखिर इतनी रिकॉर्ड बारिश क्यों हुई?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अभूतपूर्व बारिश के पीछे क्युम्यलोनिम्बस (CB) क्लाउड प्रमुख वजह रहे। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बने सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम ने बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी खींची, जिसके कारण बिलासपुर के ऊपर अत्यधिक जलवाष्प वाले बादल बने। विशेषज्ञों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे से 4:30 बजे के बीच ही लगभग 150 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कम समय में इतनी अधिक वर्षा होने से शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह जवाब दे गई और कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
अगले 48 घंटे भी सतर्क रहने की जरूरत
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
