Weather Alert: देशभर में बारिश का रौद्र रूप! हिमाचल में फटा बादल, असम में बाढ़ से 66 मौतें; कई राज्यों में हाई अलर्ट
नई दिल्ली। देशभर में मानसून अब राहत नहीं, बल्कि आफत बनकर बरस रहा है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और पश्चिमी राज्यों तक भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने हालात गंभीर बना दिए हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड का अलर्ट जारी किया है। गुजरात, हिमाचल प्रदेश, असम और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
हिमाचल में बादल फटा, सात गांवों का संपर्क टूटा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी स्थित धांधल नाला क्षेत्र में अचानक बादल फटने से भारी तबाही मच गई। तेज बहाव में मुख्य पुल और सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे सात गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत दल भेज दिए हैं, जबकि मौसम विभाग ने राज्य के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है।
असम में बाढ़ का कहर जारी, मरने वालों की संख्या 66 पहुंची
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं और लाखों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
गुजरात में बारिश बनी जानलेवा, 35 मौतें; सेना ने संभाला मोर्चा
गुजरात के वलसाड, नवसारी और सूरत जिलों में रिकॉर्ड बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राज्य में बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें वलसाड और नवसारी जिलों में दर्ज की गई हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत अभियान चला रहे हैं। अब तक 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का खतरा, 19 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब गहरे डिप्रेशन में बदल चुका है और अगले 24 घंटों में ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल तट से टकराने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ उत्तर प्रदेश की ओर खिसक गया है, जिसके चलते राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
IMD की चेतावनी: अगले तीन दिन बेहद अहम
मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिन देश के कई हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील रहेंगे। उत्तर-पश्चिम भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर राज्यों में अति-भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
