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जनता से टैक्स वसूला और भर ली जेब 14 लाख गबन के आरोप में बिलासपुर नगर निगम का आरआई सस्पेंड
बिलासपुर। नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक और नमूना सामने आया है जहां लोगों के खून पसीने की कमाई से जमा किए गए टैक्स के पैसों पर विभाग के ही अधिकारी ने हाथ साफ कर दिया। निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने जोन क्रमांक 2 के राजस्व निरीक्षक (आरआई) रामनारायण देवांगन को 14 लाख 18 हजार रुपये के गबन के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। साहब ने पिछले तीन सालों में शहरवासियों से टैक्स तो वसूला लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय अपनी जेब में रख लिया। अब आलम यह है कि अगर उन्होंने पैसे वापस नहीं किए तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
ऑडिट में खुली पोल वरना दब जाता मामला
यह पूरा खेल पिछले तीन साल से बड़ी सफाई के साथ चल रहा था। रामनारायण देवांगन साल 2022 से लेकर 2025 तक संपत्तिकर और यूजर चार्ज के नाम पर वसूली करते रहे। गनीमत रही कि निगम के आंतरिक ऑडिट में यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई। जब हिसाब किताब मिलाया गया तो पता चला कि 14 लाख से ज्यादा की रकम गायब है। कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त संचालक वित्त से इसकी जांच करवाई जिसमें चोरी पकड़ी गई।
पैसे नहीं लौटाए तो होगी एफआईआर
निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह जनता का पैसा है और इसे हर हाल में वसूला जाएगा। अधिकारी ने आदेश दिया है कि देवांगन से पूरी बकाया राशि रिकवर की जाए। अगर उन्होंने पैसे जमा करने में आनाकानी की तो पुलिस थाने में उनके खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल विभाग के बाकी कर्मचारी इस कार्रवाई से सदमे में हैं।
तत्काल निलंबन और वसूली का आदेश
निगम के गलियारों में चर्चा है कि अकेले एक आरआई इतना बड़ा कांड कैसे कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस मलाई में और भी कई चेहरे शामिल हो सकते हैं जिनकी जांच होना बाकी है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
