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शिक्षक बनने की आस, सलाखों के पीछे की रात: रायपुर में 120 अभ्यर्थी हिरासत में
रायपुर: छत्तीसगढ़ में शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की मांग कर रहे D.Ed अभ्यर्थियों के आंदोलन ने बुधवार रात नया मोड़ ले लिया है। राजधानी के तूता धरना स्थल से करीब 120 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इनमें लगभग 40 महिलाएं भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि दिनभर के धरने के बाद वे शांतिपूर्ण तरीके से आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की है। सूत्रों के मुताबिक, एहतियाती कदम के रूप में उन्हें कुछ दिनों तक न्यायिक अभिरक्षा में रखा जा सकता है।
आंदोलन ने पकड़ा था उग्र रूप
बीते दिनों अभ्यर्थियों ने प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर अंगारों पर चलने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग भी किया गया। इसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए सख्त कदम उठाए।
क्या है अभ्यर्थियों की मांग?
D.Ed अभ्यर्थी लंबे समय से प्राथमिक शालाओं में सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से रिक्त पद होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं, जिससे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
प्रशासन की ओर से संकेत
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए कार्रवाई की गई। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह घटनाक्रम राज्य में शिक्षक भर्ती को लेकर जारी असंतोष और बेरोजगारी के मुद्दे को फिर से केंद्र में ले आया है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
