राजिम कुंभ में अव्यवस्था पर विधायक का फूटा गुस्सा, CEO को लगाई कड़ी फटकार, बोले– सरकार की छवि खराब कर रहे अधिकारी

राजिम कुंभ में अव्यवस्था पर विधायक का फूटा गुस्सा, CEO को लगाई कड़ी फटकार, बोले– सरकार की छवि खराब कर रहे अधिकारी

राजिम। छत्तीसगढ़ के आस्था और संस्कृति के सबसे बड़े आयोजनों में शामिल राजिम कुंभ कल्प मेले में सामने आई अव्यवस्थाओं ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। राजिम से भाजपा विधायक रोहित साहू ने मेले की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर को खुले मंच पर कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी सरकार की साख से खिलवाड़ कर रहे हैं और इस तरह की लापरवाही प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

दरअसल, राजिम कुंभ में प्रस्तुति देने पहुंचे कलाकारों के लिए भोजन और पेयजल तक की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं। विधायक रोहित साहू ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में अव्यवस्था केवल लापरवाही नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का अपमान है। उन्होंने साफ शब्दों में चेताया कि चाहे अधिकारी हों या इवेंट एजेंसी, जो भी सरकार और आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंचाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।gifs7_1770646560

इससे पहले 7 फरवरी को पत्रकारों और आम नागरिकों ने भी इवेंट कंपनी पर मनमानी, अनावश्यक रोक-टोक और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों के बाद विधायक ने प्रशासन को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद अगले ही दिन हालात और बिगड़ गए। 8 फरवरी को मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक भूखा बैठाए रखने का मामला सामने आया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।

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कलाकारों के साथ हुए इस व्यवहार की जानकारी मिलते ही विधायक रोहित साहू स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों तथा इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब मांगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। विधायक ने कहा कि राजिम कुंभ केवल एक मेला नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है और इसकी गरिमा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।whatsapp-image-2026-02-09-at-61907-pm-1_1770644282

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हालात की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने कलाकारों को वहीं छोड़ने के बजाय स्वयं अपने साथ एक निजी रेस्टोरेंट ले जाकर भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। विधायक की इस पहल के बाद प्रशासन और आयोजन एजेंसी पर दबाव और बढ़ गया है, वहीं पूरे मामले ने राजिम कुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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