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विदेशी क्रिकेट का सपना दिखाकर 15 लाख की ठगी: पांच साल बाद जालसाज गिरफ्तार, फर्जी क्रिकेट संस्था का भंडाफोड़
अंबिकापुर। विदेश में क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने का सुनहरा सपना दिखाकर एक युवक से 15.38 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज मामला करीब पांच साल पुराना है, जबकि पीड़ित ने एक वर्ष पहले इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी क्रिकेट संस्था और नकली दस्तावेजों के सहारे लंबे समय तक युवक को झांसे में रखा।
नेपाल टूर्नामेंट में हुई मुलाकात, वहीं रची गई ठगी की साजिश
उत्तरप्रदेश के हरदोई निवासी अजय कुमार वर्मा मार्च 2021 में नेपाल में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने गए थे। वहीं उनकी मुलाकात अंबिकापुर निवासी मृगांक कुमार सिन्हा से हुई। आरोपी ने खुद को क्रिकेट संघ से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताकर अजय को देश-विदेश के बड़े टूर्नामेंट्स में खेलने का भरोसा दिलाया और संपर्क में बना रहा।
रजिस्ट्रेशन से विदेशी दौरे तक, हर कदम पर वसूली
नेपाल से लौटने के कुछ दिनों बाद मृगांक ने अजय से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर पहले छोटी रकम जमा करवाई। इसके बाद पासपोर्ट, चयन प्रक्रिया और विदेशी दौरे के बहाने डिजिटल माध्यमों से लगातार पैसे मंगाए। भरोसा दिलाया गया कि दौरा पूरा होते ही पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। इस दौरान आरोपी ने फर्जी चयन पत्र, ई-मेल और दस्तावेज भी भेजे, जिससे पीड़ित का शक न हो।
छत्तीसगढ़ बुलाकर भी की गई वसूली, 15.38 लाख पहुंचे आरोपी तक
11 जून 2021 को आरोपी ने अजय को छत्तीसगढ़ बुलाया और वहां भी उससे रकम ऐंठी। समय बीतने के बावजूद न तो कोई विदेशी दौरा हुआ और न ही मैच, तब जाकर अजय को ठगी का अहसास हुआ। तब तक वह कुल 15 लाख 38 हजार रुपये आरोपी को दे चुका था।
मान्यता विहीन संस्था, आरोपी ने किया जुर्म कबूल
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया। जांच में खुलासा हुआ कि जिस क्रिकेट संस्था से जुड़े होने का दावा आरोपी कर रहा था, उसे किसी भी स्तर पर कोई मान्यता नहीं थी। एफआईआर के बाद से फरार चल रहे आरोपी मृगांक सिन्हा (40) को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने की बात स्वीकार की है।
कोर्ट में पेशी के बाद जेल
कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत सिन्हा के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी है और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं आरोपी ने इसी तरह और लोगों को तो शिकार नहीं बनाया। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी खेल संस्था या विदेशी ऑफर पर पैसे देने से पहले उसकी मान्यता और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
