रायपुर में जहर उगल रहे नल: लाखों की आबादी पर जांच के नाम पर महज एक टीम, प्यासे शहर से मजाक

रायपुर में जहर उगल रहे नल: लाखों की आबादी पर जांच के नाम पर महज एक टीम, प्यासे शहर से मजाक

रायपुर। राजधानी में नगर निगम और हाउसिंग बोर्ड जनता को पानी के नाम पर बीमारियों का शरबत पिला रहे हैं। शहर के दर्जनों वार्डों में इन दिनों नलों से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है लेकिन निगम प्रशासन को इसकी कोई फिक्र नहीं है। हालत यह है कि लाखों की आबादी वाले इस बड़े शहर में पेयजल की जांच का जिम्मा सिर्फ एक छोटी सी टीम के भरोसे छोड़ दिया गया है। जब पाइपलाइन जगह-जगह से छलनी है और गटर का पानी नलों में समा रहा है तब अफसर एयरकंडीशन कमरों में बैठकर सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं।

सिर्फ दो घंटे में हो जाती है पूरे शहर की जांच

नगर निगम के दावों की हवा तो तब निकल गई जब पता चला कि जांच का काम कितनी फुर्ती से निपटाया जाता है। जल विभाग के कार्यपालन अभियंता नरसिंह फरेंद्र ने बताया कि पानी की जांच दो स्तर पर होती है। उन्होंने दावा किया कि रोज करीब 150 प्राइमरी टेस्ट होते हैं और शिकायत मिलने पर 25 से 30 सेकेंडरी जांच की जाती है। अब सवाल यह है कि क्या एक अकेली टीम सुबह और शाम के महज दो-तीन घंटों में इतने सारे सैंपल लेकर जांच भी कर लेती है। यह जांच हो रही है या सिर्फ खानापूर्ति यह तो भगवान ही जाने लेकिन लोगों के घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी निगम की पोल खोलने के लिए काफी है।

Read More Balod Acid Attack: स्कार्फ ने बचाया युवती का चेहरा, दाहिनी आंख पर तेजाब का गंभीर असर; डॉक्टरों की निगरानी में इलाज

हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में गंदा पानी और वसूली पूरी

Read More CG Crime News: विवाहिता की शिकायत पर कांग्रेस नेता के खिलाफ केस दर्ज, दुष्कर्म और परिवार को धमकाने के आरोप; तलाश में जुटी पुलिस

गंदे पानी का सबसे बुरा हाल हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में देखने को मिल रहा है। यहां रहने वाले 1384 परिवार पिछले तीन महीनों से नारकीय जीवन जी रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड हर परिवार से महीने के 200 रुपये पानी के टैक्स के नाम पर वसूल रहा है लेकिन बदले में उन्हें मिल रहा है सड़ा हुआ पानी। पाइपलाइन में इतने लीकेज हैं कि मरम्मत के दो दिन बाद फिर से मिट्टी वाला पानी आने लगता है। लोग बीमारियों के साए में जीने को मजबूर हैं पर बोर्ड के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

नल खोलते ही आती है बदबू और कीचड़

कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि नल खोलते ही पहले दस मिनट तक सिर्फ काला और मटमैला पानी निकलता है जिससे पूरे घर में बदबू फैल जाती है। बच्चों और बुजुर्गों में पेट की बीमारियां बढ़ रही हैं। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर निगम और हाउसिंग बोर्ड एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ लेते हैं।

साहब के दावों की हकीकत

नरसिंह फरेंद्र ने बताया कि हमारी एक टीम सुबह और शाम को पानी सप्लाई के दौरान सैंपल लेकर पानी की जांच करती है। अब कोई साहब से पूछे कि क्या एक टीम के पास कोई जादुई छड़ी है जो पूरे रायपुर के हजारों नलों तक एक साथ पहुंचकर सैंपल ले लेती है। जब पाइपलाइन सड़ चुकी है और सीवरेज का पानी पीने के पानी में मिल रहा है तब ऐसी कागजी जांच से जनता का भला कैसे होगा। रायपुर की जनता अब पूछ रही है कि आखिर उन्हें साफ पानी के लिए और कितनी अर्जियां लगानी होंगी।

Tags:

Latest News

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने पेश की 29,800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट, 42  लोग आरोपी छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने पेश की 29,800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट, 42 लोग आरोपी
नीले ड्रम हत्याकांड में बड़ा फैसला: मुस्कान-साहिल को फांसी, कोर्ट ने महाभारत का दिया हवाला
CM हेल्पलाइन की शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, शिक्षा विभाग की लापरवाही, दो अधिकारियों को नोटिस जारी
छत्तीसगढ़ के इस आईएएस को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, गृह मंत्रालय में बने डिप्टी सेक्रेटरी
पहचान पत्र के बिना दिया कमरा तो मकान मालिक पर होगा केस, किराएदार रखने से पहले थाने को देनी होगी पूरी कुंडली
ममता हुई शर्मसार, मां ने किया 1.80 लाख में 9 महीने के बच्चे का सौदा, पुलिस ने पश्चिम बंगाल से किया बरामद
जंतर-मंतर पहुंचना सीजेपी के इन दो नेता को पड़ा भारी, न्यायिक हिरासत में भेजे गये तिहाड़ जेल, जमानत के लिए कोर्ट पहुंची अर्जी
फेसबुक पर मोटे मुनाफे का लालच पड़ा भारी, प्रॉपर्टी डीलर के 7.90 लाख पार, पुलिस में दर्ज मामला
QR कोड से 5 लाख की साइबर ठगी, चॉइस सेंटर संचालक के खाते हुए होल्ड, हिरासत में दो युवक
व्याख्याता का छात्राओं से गलत संबंध और धर्मांतरण के आरोपों पर मचा बवाल, आंदोलनकारियों का अनिश्चितकालीन धरना
चुनरी यात्रा में उमड़ा मातृशक्ति का जनसैलाब, लेकिन वायरल हो गई हवन कुंड पर बैठ कर पोज वाली फोटो
पैरी प्रोजेक्ट का 2500 करोड़ का ठेका: रातों-रात बदली शर्तें, आधी रात को भोपाल की कंपनी के नाम खुला लिफाफा