Britannia Industries को 6.37 करोड़ का GST नोटिस, क्लासिफिकेशन विवाद पर विभाग की कार्रवाई
मुंबई/नई दिल्ली। देश की प्रमुख फूड कंपनी Britannia Industries को जीएसटी विभाग ने 6.37 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई नियामकीय सूचना में बताया कि यह नोटिस थाने स्थित CGST एवं सेंट्रल एक्साइज कमिश्नरेट कार्यालय से प्राप्त हुआ है।
धारा 74 के तहत कार्रवाई
यह आदेश जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के अंतर्गत पारित किया गया है, जो कर की कथित कम भुगतान या गलत घोषणा के मामलों में लागू होती है। विभाग ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 की अवधि के दौरान उत्पादों की टैक्स श्रेणी (क्लासिफिकेशन) में त्रुटि का आरोप लगाया है। अधिकारियों के अनुसार कुछ उत्पादों को गलत टैक्स स्लैब में वर्गीकृत किए जाने के कारण देय कर का पूर्ण भुगतान नहीं हुआ।
टैक्स, पेनल्टी और संभावित ब्याज
कंपनी के मुताबिक आदेश में 2.12 करोड़ रुपये का मूल कर तथा 4.24 करोड़ रुपये की पेनल्टी निर्धारित की गई है। इस प्रकार कुल मांग 6.37 करोड़ रुपये बनती है। इसके अतिरिक्त लागू ब्याज अलग से देय हो सकता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मांग में ब्याज की राशि शामिल नहीं है।
कानूनी विकल्पों पर विचार
ब्रिटानिया ने कहा है कि वह आदेश का विस्तृत अध्ययन कर रही है और कानूनी सलाह ले रही है। आवश्यकता पड़ने पर अपीलीय प्राधिकरण या न्यायालय में चुनौती दी जाएगी। कंपनी का यह भी कहना है कि यह आदेश अंतिम नहीं है और विधिक प्रक्रिया के तहत इसे चुनौती दी जा सकती है।
सेक्टर में आम हैं क्लासिफिकेशन विवाद
फूड एवं एफएमसीजी सेक्टर में उत्पादों के जीएसटी वर्गीकरण को लेकर विवाद पूर्व में भी सामने आते रहे हैं। विभिन्न टैक्स स्लैब के कारण क्लासिफिकेशन में मतभेद होने पर कर, पेनल्टी और ब्याज की संयुक्त मांग की स्थिति बन जाती है।
बाजार पर संभावित प्रभाव
यह घटनाक्रम निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार को कंपनी का शेयर 0.58% की गिरावट के साथ 5,959.75 रुपये पर बंद हुआ था। मंगलवार को अवकाश के कारण बाजार बंद रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आगामी कारोबारी सत्र में शेयर की चाल पर इस खबर का प्रभाव देखा जा सकता है। ब्रिटानिया ने दोहराया है कि वह नियामकीय अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध है और मामले के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग करेगी।
