सरकार की मेहरबानी या सिस्टम की मजबूरी? फिर उइके को ईएनसी बनाने की तैयारी....

सरकार की मेहरबानी या सिस्टम की मजबूरी? फिर उइके को ईएनसी बनाने की तैयारी....

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन विभाग में इन दिनों एक ही नाम की गूंज है और वह है इंद्रजीत उइके। विभाग में काबिल अफसरों की कमी है या उइके साहब के पास कोई जादुई छड़ी, यह समझ पाना मुश्किल है। जून 2025 में रिटायर होने के बाद उन्हें छह महीने की संविदा मिली थी और अब खबर है कि उन्हें फिर से ईएनसी बनाने की फाइल चल पड़ी है। विभाग के गलियारों में चर्चा है कि आखिर सरकार एक ही चेहरे पर इतनी मेहरबान क्यों है जबकि कतार में कई योग्य और वरिष्ठ अधिकारी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

रिटायरमेंट वाले दिन उइके ने खुद ही मुख्य अभियंता दीपक भूम्मेरकर को प्रभार सौंपा था लेकिन कुर्सी का खिंचाव ऐसा था कि हफ्ते भर के भीतर ही वे संविदा पर वापस लौट आए। अब उनका कार्यकाल पूरा होते ही उन्हें दोबारा कुर्सी सौंपने की सुगबुगाहट ने प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाकी अफसर क्या सिर्फ फाइलों के लिए हैं?

Read More CG Fraud Alert: निवेश पर डबल रिटर्न का लालच, महिला ने लोगों से लाखों ठगे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

विभाग के भीतर दबी जुबान में अधिकारी पूछ रहे हैं कि क्या पूरी इंजीनियरिंग की कमान संभालने के लिए विभाग में कोई दूसरा काबिल चेहरा नहीं बचा है। सालों तक सेवा देने वाले वरिष्ठ अफसरों को दरकिनार कर बार-बार एक ही व्यक्ति को संविदा पर बैठाना बाकी लोगों के मनोबल को तोड़ने जैसा है। चर्चा तो यह भी है कि इस खास मेहरबानी के पीछे जल संसाधन विभाग के कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स और उनके पुराने अनुभव का बहाना बनाया जा रहा है।

Read More CG Liquor Scam: EOW की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब सप्लाई में इस्तेमाल 3 वाहन जब्त, सरकारी दुकानों तक सीधी पहुंच का खुलासा

कुर्सी से चिपके रहने का नया रिकॉर्ड

इंद्रजीत उइके का मामला प्रशासन में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि अगर इसी तरह संविदा का खेल चलता रहा तो विभाग के दूसरे अधिकारी कभी ऊंचे पदों तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे पहले भी कई बार वरिष्ठता को नजरअंदाज करने के आरोप लगते रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि नई नियुक्ति की फाइल लगभग तैयार है और जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है।

सत्ता के गलियारों में सुगबुगाहट

विभागीय कामर्शियल और तकनीकी कामकाज के जानकार दीपक भूम्मेरकर को जब प्रभार मिला था तब लगा था कि अब नई पीढ़ी को मौका मिलेगा। लेकिन राजनीति और रसूख के आगे योग्यता की फाइल दबी रह गई।

Tags:

Latest News

बिलासपुर में रेत माफिया का नया ठिकाना अब गांव बने डंपिंग यार्ड आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अरपा नदी में अवैध खनन का खेल बिलासपुर में रेत माफिया का नया ठिकाना अब गांव बने डंपिंग यार्ड आखिर किसके संरक्षण में चल रहा अरपा नदी में अवैध खनन का खेल
शिकायत सही मिली अब, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश
बिलासपुर भाजपा दफ्तर में बवाल मेयर और पार्षदों में तीखी नोकझोंक एक दूसरे को बताया कांग्रेसी
दलालों के इशारे पर पास हुए करोड़ों के बिल जल संसाधन विभाग के ईएनसी उइके के घोटालों की सीबीआई जांच की उठी मांग
स्कूल बस पर कहर बनकर टूटा ट्रक: खरोरा में बच्चों से भरी बस को मारी टक्कर, गेट उखड़ा, ड्राइवर फरार
अब आत्मानंद स्कूलों में ‘फ्री एजुकेशन’ नहीं: 9वीं–12वीं के छात्रों से सालाना फीस वसूली का फैसला
भिलाई में नशे का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त: पंजाब से हेरोईन लाकर खपाने की साजिश नाकाम, किराए के मकान से 18.69 लाख की ड्रग्स संग 4 तस्कर गिरफ्तार
परिवार बना ‘ड्रग कार्टेल’: दो बेटियों के साथ मिलकर चलाती थी नशे का साम्राज्य, 250 CCTV खंगालने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुसुम को दबोचा
समानता की ओर बड़ा कदम: सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसवुमेन को सरकारी शिक्षक भर्ती में आवेदन की दी अनुमति, अब अलग भर्ती नीति पर भी मंथन
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर जिले में साधु-संतों से कथित मारपीट पर घमासान, Suvendu Adhikari का TMC पर सीधा हमला, दोनों पक्ष आमने-सामने
चुनावी घमासान के बीच ED का बड़ा एक्शन: शिक्षक भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री Partha Chatterjee के घर छापा, फिर तेज हुई जांच की रफ्तार
यमुना में मौत का मंजर: मथुरा नाव हादसे के बाद रेस्क्यू तेज, 20 मोटरबोट के साथ जारी तलाश, 7 श्रद्धालु अब भी लापता, 10 शव पंजाब रवाना