बिलासपुर ट्रेन हादसे की CRS जांच में खुली रेलवे की चौंकाने वाली लापरवाही, साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को मेमू ट्रेन की कमान! फाइनल रिपोर्ट से सामने आएगा सच

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 4 नवंबर को हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे की कमिशन ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में रेलवे प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस दुर्घटना में लोको पायलट सहित 12 यात्रियों की मौत हुई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।

यह दुर्घटना उस समय हुई जब गेवरारोड से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन लालखदान के पास खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई। जांच में सामने आया कि जिस लोको पायलट को सिंगल मैन वर्किंग मेमू चलाने की अनुमति दी गई थी, वह साइको टेस्ट में फेल था। जबकि रेलवे बोर्ड ने 15 अक्टूबर 2024 को साफ निर्देश दिया था कि बिना मनोवैज्ञानिक परीक्षण पास किए किसी भी लोको पायलट को मेमू ट्रेन चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आदेश को नजरअंदाज कर ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी।comp-164-1176238584317629419151763542638-1_1765271175

सक्षमता प्रमाणपत्र में बड़ी खामियां
CRS जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण, ट्रायल रन और 91 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इस दौरान लोको पायलट के सक्षमता प्रमाणपत्र में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं-

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  • निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं
  • किस सेक्शन में ट्रेन संचालन की अनुमति है, इसका उल्लेख नहीं
  • किस प्रकार के इंजन को चलाने की अनुमति है, इसका जिक्र नहीं
  • एसीटीएम के निर्देशानुसार न रजिस्टर संधारित किया गया
  • न ही सर्विस रिकॉर्ड में कोई प्रविष्टि

जोनल अधिकारियों की दलील खारिज
जांच में यह बात भी सामने आई कि जोन के अधिकारियों ने बचाव में तर्क दिया कि साइको टेस्ट में फेल लोको पायलट को असिस्टेंट लोको पायलट की सहायता से ड्यूटी दी जा सकती है। लेकिन CRS ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि मेमू जैसी तेज रफ्तार यात्री सेवा में यह नियम लागू नहीं हो सकता। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना की मुख्य वजह ट्रेन संचालन में गंभीर त्रुटि और रेलवे सिस्टम की लचर व्यवस्था है।3-317623357381762567179-2_1765270608

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फाइनल रिपोर्ट तय करेगी जिम्मेदारी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ प्रारंभिक रिपोर्ट है। रेलवे प्रशासन अपनी प्रतिक्रिया देगा, जिसके बाद सभी साक्ष्यों के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी। सीनियर DCM अनुराग कुमार सिंह ने कहा कि जिम्मेदारी फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगी। उन्होंने कहा कि अभी प्रारंभिक रिपोर्ट पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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