बहन की विदाई में शामिल होगा सजायाफ्ता कैदी, हाईकोर्ट ने पुलिस अभिरक्षा में जाने की दी अनुमति

बहन की विदाई में शामिल होगा सजायाफ्ता कैदी, हाईकोर्ट ने पुलिस अभिरक्षा में जाने की दी अनुमति

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक परंपराओं को महत्व देते हुए डकैती और आपराधिक साजिश के मामले में सजा काट रहे एक कैदी को अपनी बहन की विदाई में शामिल होने की अनुमति दी है। हालांकि अदालत ने अंतरिम जमानत देने से इनकार किया और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे पुलिस अभिरक्षा में समारोह में शामिल कराने का आदेश दिया।

जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा से समझौता भी नहीं किया जा सकता। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए अदालत ने यह व्यवस्था की है।

मामले के अनुसार, भिलाई के सुपेला कृष्णानगर निवासी मनीष बंसोर को दुर्ग की विशेष अदालत ने 18 नवंबर 2025 को दोषी ठहराया था। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत 7 वर्ष तथा धारा 397 (घातक हथियार के साथ डकैती) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वर्तमान में वह जेल में सजा काट रहा है।

Read More सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत: आबकारी ओवरटाइम घोटाले के आरोपी असिस्टेंट कमिश्नर नवीन तोमर रिहा

मनीष ने हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दायर कर कहा कि उसकी सगी बहन का विवाह है और परिवार में उसके अलावा कोई दूसरा भाई नहीं है, जो पारंपरिक और सामाजिक रस्में निभा सके। इसलिए उसे कुछ दिनों के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की जाए।

Read More Balrampur Medical News: दवा लेने पहुंचे बुजुर्ग को लगा दिए 2 इंजेक्शन, फिर हो गए बेहोश! मेडिकल स्टोर में ‘क्लिनिक’ का खेल, जांच शुरू

सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने अंतरिम जमानत का विरोध किया। शासन की ओर से दलील दी गई कि याचिकाकर्ता गंभीर अपराध में सजायाफ्ता है, इसलिए उसे खुली छूट देना उचित नहीं होगा। हालांकि राज्य ने यह सुझाव भी दिया कि अदालत उचित समझे तो उसे कड़ी पुलिस सुरक्षा और अभिरक्षा में विवाह समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जा सकती है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत की मांग खारिज कर दी, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मनीष बंसोर को पुलिस अभिरक्षा में अपनी बहन की विदाई की रस्मों में शामिल होने की अनुमति दे दी। अदालत ने केंद्रीय जेल अधीक्षक और दुर्ग पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि 30 जून को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसे भिलाई स्थित विवाह स्थल ले जाया जाए। विदाई की रस्म पूरी होने के तुरंत बाद उसे वापस जेल में दाखिल कराया जाएगा।

Tags:

Latest News

सिगरेट के धुएं के बीच चाकू लहराती युवती का वीडियो वायरल, दो दिन पहले मारपीट का वीडियो भी आया था सामने सिगरेट के धुएं के बीच चाकू लहराती युवती का वीडियो वायरल, दो दिन पहले मारपीट का वीडियो भी आया था सामने
पहले कॉलेज में शिकायत, फिर कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया; प्रोफेसर पर छात्राओं के गंभीर आरोप
Bhupesh Baghel News: सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, चुनाव याचिका खारिज कराने की SLP खारिज; 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
एक गंध, 500 मीटर का पीछा और फिर खुला राज… ‘बाघा’ ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी के घर
खेत में मधुमक्खियों का कहर, बेटे को बचाकर खुद मौत से हार गई मां, 3 घंटे तक झेलती रही डंक
घर के बाहर धूप सेंक रहे थे तीन बुजुर्ग, अचानक भालू ने किया हमला, दंपती समेत तीन घायल
मजदूरी से पीएचडी तक का सफर, छात्रवृत्ति ने बदली डॉ. नरेश तिवारी की जिंदगी, अब संभाल रहे विश्वविद्यालय की कमान
पहले चले लाठी-डंडे, फिर निकला चाकू... गैंगवार के दौरान युवक की हत्या
आज रात रोशनी से जगमगाएगा रायपुर, गणेश झांकी पर 2 हजार जवानों का पहरा; शराब दुकानें रहेंगी बंद, जानें पूरा रूट-पार्किंग प्लान
छत्तीसगढ़ कोल घोटाला: 3 अक्टूबर को 35 आरोपियों पर EOW की फाइनल चार्जशीट, विधायक देवेंद्र यादव से भी पूछताछ
छत्तीसगढ़ में बारिश से फसलें प्रभावित, CM साय का किसानों को भरोसा- सर्वे के बाद मिलेगा मुआवजा
नर्स से अवैध संबंध, पत्नी से मारपीट और तलाक की धमकी… हाई कोर्ट ने डॉक्टर पति को माना आत्महत्या के लिए दोषी