शिक्षा के मंदिर में 'शराबी हेडमास्टर' का VIDEO वायरल? स्कूल परिसर में पड़े दिखे, रिकॉर्डिंग करने वालों को धमकाने का आरोप
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम शाल्ही स्थित खोरखोरीपारा प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर कथित तौर पर नशे की हालत में स्कूल परिसर में पड़े दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना ऐसे समय सामने आई है जब प्रदेशभर के स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुई है और बच्चों की नियमित पढ़ाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में इस तरह के वीडियो ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में हेडमास्टर हरिनंदन सिंह बताए जा रहे व्यक्ति स्कूल परिसर में जमीन पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो बनाने वाले लोगों का दावा है कि वह शराब के नशे में थे और ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। वीडियो में कथित तौर पर उनके द्वारा अभद्र भाषा का इस्तेमाल और गाली-गलौज करते हुए भी सुना जा सकता है। वहीं वीडियो बना रहे लोगों का आरोप है कि रिकॉर्डिंग का विरोध करते हुए उन्हें धमकाने की भी कोशिश की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
ग्रामीणों में नाराजगी, बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता
वीडियो वायरल होने के बाद गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य का निर्माण करने का स्थान होता है। यदि शिक्षक या विद्यालय प्रमुख पर इस तरह के आरोप लगते हैं, तो इसका गलत संदेश विद्यार्थियों पर भी पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वीडियो में दिखाई दे रही बातें सही हैं, तो यह केवल अनुशासनहीनता का मामला नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि संबंधित शिक्षक ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में विद्यालय परिसर में मौजूद थे, या उन्होंने अनुचित व्यवहार किया, तो उनके खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का यह भी कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि वायरल वीडियो कब का है और विभाग ने इसकी जांच शुरू की है या नहीं। अब सभी की नजर जिला शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, मामले की आधिकारिक जांच और विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार है। विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
