- Hindi News
- छत्तीसगढ़
- कस्टम मिलिंग घोटाले का ‘कैश मास्टरमाइंड’ बेनकाब: अनवर ढेबर का भरोसेमंद दीपेन हर 72 घंटे में उठाता था...
कस्टम मिलिंग घोटाले का ‘कैश मास्टरमाइंड’ बेनकाब: अनवर ढेबर का भरोसेमंद दीपेन हर 72 घंटे में उठाता था 22 करोड़!
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कस्टम मिलिंग घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। सरकारी अनाज की मिलिंग, परिवहन और बिलिंग के नाम पर चल रहा करोड़ों का काला खेल किस तरह संचालित होता था, यह ईओडब्ल्यू की विस्तृत चार्जशीट से साफ हो गया है।
नेटवर्क का ‘कैश कमांडर’ था दीपेन चावड़ा
जांच एजेंसी ने धनबाद (झारखंड) निवासी दीपेन चावड़ा को इस पूरे अवैध वसूली तंत्र का मुख्य कैश कलेक्शन एजेंट बताया है। गवाह अंकुर पालीवाल और सूरज पवार के अनुसार, दीपेन को फेसटाइम लोकेशन भेजकर करोड़ों की नकदी विभिन्न जगहों से उठवायी जाती थी।
3–4 दिन में 22 करोड़! कुल 10 राउंड में करोड़ों की हेराफेरी
चार्जशीट में दर्ज है, चावड़ा हर तीन से चार दिनों में 20 से 22 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन करता था। लगभग 10 बार यह राशि इकट्ठी की गई; जिनमें से सात बार रकम सिद्धार्थ सिंघानिया से ली गई। कैश को हमेशा की तरह तय डेस्टिनेशन इंडियन चिली गली, शंकर नगर में अनवर ढेबर के लोगों को सौंपा जाता था। राशि अधिक होने पर इसे तीन–चार वाहकों के माध्यम से बांटकर पहुंचाया जाता था ताकि जोखिम कम रहे।
अनवर का सबसे भरोसेमंद आदमी
चार्जशीट के अनुसार, दीपेन चावड़ा अनवर ढेबर का सबसे विश्वस्त व्यक्ति था। पूरे राज्य में फैले अवैध वसूली तंत्र से कैश कलेक्शन, उसका सुचारू परिवहन और सुरक्षित डिलीवरी यह पूरा नेटवर्क दीपेन के इशारों पर चलता था।
कोडवर्ड्स, फेसटाइम लोकेशन और कैश बैग, पूरी ‘अंडरग्राउंड लॉजिस्टिक सिस्टम’
दीपेन 1 करोड़ तक की नकदी कार्टन, बोरे या बैग में लेकर भिलाई, दुर्ग, रावाभाठा, खुर्सीपार, कोटा रोड और वीआईपी एरिया जैसे लो-प्रोफाइल पॉइंट्स पर डिलीवरी देता था। नकदी की गिनती उसकी जिम्मेदारी नहीं थी, उसका काम सिर्फ ‘सुरक्षित कैश डिलीवरी’ करना था। हर लेन-देन के लिए उसे एक कोडवर्ड और फेसटाइम लोकेशन भेजी जाती थी। इससे नेटवर्क में किसी भी प्रकार की सीधी बातचीत का जोखिम कम किया जाता था।
दो गुप्त कलेक्शन हब
दीपेन के बयान के अनुसार, दो प्रमुख स्थानों से कैश रिसीव होता था—
- इंडियन चिली स्क्वायर गली, जहाँ अनवर के आदमी कार में रकम लेने आते थे
- वेलिंगटन कोर्ट होटल की पार्किंग, जहाँ विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू के लोग कैश सौंपते थे
इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया था ताकि बड़े पैमाने की वसूली भी बिना संदेह के होती रहे।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
