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आरटीओ में दलालों का खुलेआम राज और अफसरों को फुर्सत नहीं, शिकायत के बाद भी जांच अटकी
रायपुर। भनपुरी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के ठीक सामने अवैध ठेलों में बैठकर दलाल खुलेआम अपना धंधा चला रहे हैं, लेकिन प्रशासन को इन पर कार्रवाई करने का समय नहीं मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि अफसरों के पास रिश्वतखोरी की लिखित शिकायत ई-मेल के जरिए पहुंच चुकी है, फिर भी अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई। दलालों ने दफ्तर के बाहर बाकायदा अपने अड्डे जमा लिए हैं और लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध वसूली जारी है। नगर निगम और आरटीओ के अफसर एक-दूसरे का मुंह ताक रहे हैं, जबकि आम जनता दलालों के चंगुल में फंसकर लुटने को मजबूर है।
दलालों के लिए खुले कमरे और अफसरों का संरक्षण
आरटीओ दफ्तर के बाहर का नजारा देखकर लगता ही नहीं कि यहां कानून का राज है। अवैध ठेलों को दलालों ने अपना ऑफिस बना लिया है। सूत्रों की मानें तो इन दलालों को आरटीओ के कुछ अधिकारियों का पूरा संरक्षण मिला हुआ है। पैसों के लेनदेन के लिए बाकायदा कमरे तक अलॉट होने की चर्चा है। 1 दिसंबर को इस मामले का खुलासा होने के बाद अफसरों ने बड़ी-बड़ी बातें की थीं, लेकिन हकीकत में जमीन पर एक ईंट भी नहीं हिली। दलाल आज भी उसी ठसक के साथ बैठ रहे हैं और आने-जाने वालों को फांस रहे हैं।
ई-मेल पर शिकायत फिर भी अफसर बोले चेक करवाता हूं
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री और परिवहन आयुक्त को ई-मेल के जरिए सबूतों के साथ शिकायत भेजी गई थी। इसमें साफ तौर पर बताया गया था कि कौन सा अधिकारी किस दलाल के जरिए रिश्वत का खेल खेल रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूटी। जब इस बारे में जिम्मेदार अफसरों से पूछा गया, तो उनका रटा-रटाया जवाब था कि मामले को दिखवाते हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल फाइलों को इधर-बधर घुमाया जा रहा है।
व्यस्तता का बहाना और अवैध कब्जे को खुली छूट
बिरगांव नगर निगम के दायरे में आने वाले इन अवैध कब्जों को हटाने की जिम्मेदारी निगम की है। लेकिन निगम के पास शहर के दूसरे काम इतने ज्यादा हैं कि उन्हें आरटीओ के सामने फैला भ्रष्टाचार और अवैध कब्जा नजर ही नहीं आ रहा। लोग रोज परेशान हो रहे हैं और दलाल सरकारी सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।
क्या कहते हैं अफसर
अन्य सरकारी कार्यों में व्यस्त होने के कारण अभी तक अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं हो पाई है। हम जल्द ही प्लान बनाकर इन ठेलों को हटाने की मुहिम चलाएंगे।
युगल किशोर उर्वासा, आयुक्त, नगर निगम बिरगांव
मेरे पास क्या शिकायत आई है, उसे मैं अभी चेक करवा लेता हूं। इसके बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
एस प्रकाश, आयुक्त, परिवहन विभाग
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
