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सियासी तापमान बढ़ाएगा बजट सत्र: धर्मांतरण विधेयक लाने की तैयारी, गृह मंत्री विजय शर्मा ने दी जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में 15 बैठकें प्रस्तावित हैं और एक दर्जन से अधिक विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस सत्र के दौरान बहुचर्चित ‘धर्मांतरण विधेयक’ भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने सत्र की तैयारियों को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि बजट सत्र के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने संकेत दिया कि धर्मांतरण से संबंधित विधेयक पर भी विचार-विमर्श चल रहा है और संभावना है कि इसे सदन में लाया जाए।
बजट और विधायी एजेंडा
- 23 फरवरी: राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत
- 24 फरवरी: राज्य बजट प्रस्तुत किया जाएगा
- कुल 15 बैठकें प्रस्तावित
- 12 से अधिक विधेयक पेश किए जाने की तैयारी
22 फरवरी को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें सत्र की रणनीति तय की जाएगी।
धर्मांतरण विधेयक क्यों चर्चा में?
प्रदेश के विभिन्न जिलों विशेषकर बस्तर, जशपुर और रायगढ़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में कथित धर्मांतरण के मामलों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज रही है। दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर सहित अन्य जिलों से भी धर्म परिवर्तन को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद इस विषय पर स्पष्ट कानूनी ढांचे की मांग उठती रही है।
सरकार का तर्क है कि वर्तमान में धर्मांतरण प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए स्पष्ट और सुसंगत नियमों की आवश्यकता है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य इसी कानूनी शून्य को भरना बताया जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और विधेयक का अंतिम स्वरूप सत्र के दौरान ही स्पष्ट होगा। आगामी बजट सत्र में वित्तीय प्रस्तावों के साथ-साथ यह विधेयक भी राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन सकता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
