BIG BREAKING: उच्च शिक्षा विभाग में खर्चों पर कैंची! अफसरों के सामान्य दौरों पर लगी पाबंदी, अब एक ही गाड़ी में जाएंगे अधिकारी... जारी हुई सख्त गाइडलाइन
रायपुर। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते वैश्विक संकट और आर्थिक मोर्चे पर आ रही चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने अब सरकारी खर्चों में बड़ी कटौती करने का कड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग के सख्त निर्देशों के बाद अब छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने भी फिजूलखर्ची रोकने के लिए कमर कस ली है। विभाग की ओर से एक विस्तृत और सख्त गाइडलाइन जारी की गई है, जिससे अब दौरों के नाम पर होने वाले भारी-भरकम खर्चों पर लगाम लगेगी और सरकारी खजाने को बड़ी राहत मिलेगी।
दौरों पर सख्ती और व्हीकल शेयरिंग अनिवार्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अब अधिकारियों के दौरे केवल अति-आवश्यक परिस्थितियों में ही मंजूर किए जाएंगे। रूटीन या सामान्य दौरों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सबसे अहम बदलाव यह किया गया है कि यदि किसी एक ही स्थान पर एक से अधिक अधिकारियों को शासकीय कार्य से जाना है, तो वे अलग-अलग सरकारी गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। उन्हें अनिवार्य रूप से एक ही गाड़ी साझा (Vehicle Sharing) करनी होगी। इसके अलावा, विभाग में यदि किसी नए सरकारी वाहन की खरीदी की आवश्यकता पड़ती है, तो अब पेट्रोल-डीजल की बजाय केवल इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की खरीदी को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
वर्चुअल बैठकों और ई-ऑफिस (e-Office) पर जोर
यात्रा खर्च और समय दोनों को बचाने के लिए विभाग ने तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया है। अब भौतिक बैठकों (Physical Meetings) की जगह अधिकांश बैठकें वर्चुअल (ऑनलाइन) मोड में आयोजित की जाएंगी, ताकि अधिकारियों के यात्रा भत्ते और आयोजनों के खर्च को शून्य किया जा सके। इसके साथ ही, पत्राचार और फाइलों के संचालन में कागज की बचत के लिए 'ई-ऑफिस' प्रणाली को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।
बिजली की बचत और ट्रेनिंग का नया फॉर्मूला
कार्यालय संचालन खर्च घटाने पर विशेष जोर दिया गया है। सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि दफ्तर का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद एसी (AC), लाइट, कंप्यूटर और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अनिवार्य रूप से बंद कर दिए जाएं। वहीं, महंगे और बाहरी प्रशिक्षण कार्यक्रमों (Training Programs) के स्थान पर अब अधिकारियों और कर्मचारियों के क्षमता विकास के लिए 'आई-गॉट कर्मयोगी पोर्टल' (iGOT Karmayogi Portal) का उपयोग किया जाएगा।
इन सभी पर लागू होगा आदेश
उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी यह सख्त आदेश व्यापक स्तर पर लागू किया गया है। यह नई गाइडलाइन उच्च शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के अफसरों समेत प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों (Registrars), शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग, तथा छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी और साहित्य अकादमी के संचालकों को अनिवार्य पालन के लिए भेज दी गई है।
