Railway Catering: शताब्दी एक्सप्रेस की कैटरिंग फिर विवादों में, यात्रियों को कथित तौर पर परोसी गई एक्सपायरी ब्रेड
भोपाल। नई दिल्ली से रानी कमलापति (भोपाल) आ रही 12002 नई दिल्ली–रानी कमलापति शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड परोसने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों में फूड पॉयजनिंग की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई। कई यात्रियों ने इस मामले की शिकायत रेल मदद (RailMadad) ऐप और ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एक्सपायरी डेट देखने के बाद मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, ट्रेन के सी-4 कोच में सफर कर रहे करीब 74 यात्रियों, (बच्चे भी शामिल), को सुबह नाश्ते में ब्रेड परोसी गई। अधिकांश यात्री ब्रेड खा चुके थे, तभी एक यात्री की नजर पैकेट पर छपी 'यूज़ बाय' तारीख 10 जुलाई 2026 पर पड़ी। इसके बाद कोच में हड़कंप मच गया और यात्रियों ने तुरंत कैटरिंग स्टाफ से जवाब मांगा। यात्री प्रणव ने बताया कि पीछे बैठे एक यात्री ने पैकेट पर अंकित तारीख देखकर सभी को सतर्क किया, जिसके बाद कई लोगों ने रेल मदद ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई।
कई कोचों तक पहुंचने की आशंका
यात्रियों का दावा है कि मामला केवल एक कोच तक सीमित नहीं था। ट्रेन में रखे अन्य कैटरिंग पैकेटों में भी उसी तारीख वाली ब्रेड मिली, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कई कोचों में यात्रियों को वही खाद्य सामग्री वितरित की गई होगी। एक अन्य यात्री अशोक कालिया ने कहा कि यात्रियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री परोसी गई है तो यह बेहद गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
IRCTC ने क्या कहा?
मामले पर आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि यह नॉर्दर्न रेलवे के अधिकार क्षेत्र की ट्रेन है और भोजन की लोडिंग भी वहीं से की जाती है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
लगातार दूसरे दिन कैटरिंग पर सवाल
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले 12001 भोपाल–नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में भी एक यात्री ने भोजन की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर शिकायत की थी। लगातार दो दिनों में सामने आई इन घटनाओं ने रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था, खाद्य गुणवत्ता और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यात्रियों को जांच रिपोर्ट और रेलवे की अगली कार्रवाई का इंतजार है।
