खबर का असर: ड्राइवर से गाली-गलौज और अफसरों पर अशोभनीय टिप्पणी पड़ी भारी, EE शशांक सिंह सस्पेंड... देखें आदेश
रायपुर 17 मई 2026। नेशनल जगत विजन की खबर का बड़ा असर हुआ है। खबर चलाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो क्लिप कांड में राज्य सरकार ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग के कार्यपालन अभियंता (EE) शशांक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर अपने ही कार्यालय के वाहन चालक के साथ फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने का आरोप था, जो प्रारंभिक जांच में पूरी तरह से सही पाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर में पदस्थ कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और उनके कार्यालय में वाहन चालक के रूप में कार्यरत शशिकांत साहू के बीच 12 मई 2026 को मोबाइल फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत के दौरान ईई ने अपना आपा खो दिया और चालक से गाली-गलौज करते हुए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसी बातचीत का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामला तब और गरमा गया जब 13 मई 2026 को मीडिया ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया और सरकारी अधिकारियों के रवैये पर आम जनता की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
ADM की जांच में हुई पुष्टि
मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (ADM) को जांच का जिम्मा सौंपा गया। एडीएम ने दोनों पक्षों (ईई और वाहन चालक) को तलब कर उनके बयान दर्ज किए। जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह ने न केवल अपने अधीनस्थ कर्मचारी के साथ गाली-गलौज की, बल्कि बातचीत के दौरान जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणियां की थीं।
प्रशासनिक छवि हुई धूमिल, नियमों के तहत गिरी गाज
जांच रिपोर्ट में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया कि एक जिम्मेदार अधिकारी के इस प्रकार के अमर्यादित व्यवहार से जिले की प्रशासनिक छवि को गहरा धक्का लगा है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत घोर कदाचार की श्रेणी में माना है।
राज्य सरकार ने अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) का प्रयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
नवा रायपुर किए गए अटैच
आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान शशांक सिंह का मुख्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकार ने इस एक्शन के जरिए यह कड़ा संदेश दे दिया है कि अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन का यह कदम प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक अहम नजीर माना जा रहा है।
