आंगनबाड़ी के 9 लाख बच्चों को मिलेगा विद्यारंभ सर्टिफिकेट, बताएगा बच्चा किस क्षेत्र में है आगे

आंगनबाड़ी के 9 लाख बच्चों को मिलेगा विद्यारंभ सर्टिफिकेट, बताएगा बच्चा किस क्षेत्र में है आगे

रायपुर। बच्चों की शुरुआती शिक्षा और स्कूली प्रवेश को आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी तैयारी की है। प्रदेश के 52 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ रहे 3 से 6 साल की आयु के करीब 9 लाख 68 हजार बच्चों को अब 'विद्यारंभ' सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र की छपाई पूरी हो चुकी है और यह इसी सत्र से बच्चों को दिए जाने की तैयारी है। रायपुर जिले में भी 1941 केंद्रों के 50 हजार से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। यह सर्टिफिकेट केवल बच्चों के प्ले स्कूल स्तर की पढ़ाई पूरी होने की पुष्टि नहीं करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि बच्चे की सबसे ज्यादा रुचि किस क्षेत्र में है और वह कौन सी गतिविधियों में आगे है।

सर्टिफिकेट से सीधे कक्षा एक में प्रवेश

यह विद्यारंभ सर्टिफिकेट सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इस सर्टिफिकेट में बच्चों का अपार आईडी नंबर भी दर्ज होगा, जिसका मतलब है कि इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उनकी आगे की स्कूली शिक्षा शुरू होगी।

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सर्टिफिकेट में बच्चे की सालाना गतिविधियां, शिक्षा प्रक्रिया का विश्लेषण, और यह जानकारी होगी कि बच्चे की रुचि भाषा, रंग, सामाजिक व्यवहार या अन्य किस क्षेत्र में सबसे अधिक है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षित और आत्मविश्वासी बनाना है, ताकि वे बिना किसी डर या झिझक के सीधे स्कूल के माहौल में कदम रख सकें। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्री स्कूल की तरह बुनियादी शिक्षा दी जा रही है ताकि वे स्कूली शिक्षा के लिए तैयार हो सकें।

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आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मेरा शरीर, जानवरों की दुनिया, पेड़-पौधे हमारे दोस्त, खाना-खजाना, हमारे त्योहार जैसे कुल 14 विषयों के संदर्भ में पढ़ाया जा रहा है। किताबों को बच्चों की उम्र के हिसाब से तीन भागों में बांटा गया है।

 विद्यारंभ सर्टिफिकेट देने की विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्द ही इन्हें प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। यह कदम बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा।

शैल ठाकुर, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग, रायपुर 

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