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जबलपुर के करोड़पति आरटीओ संतोष पॉल की 3.38 करोड़ की संपत्ति कुर्क: ईडी के एक्शन से मचा हड़कंप
जबलपुर। भ्रष्टाचार के मामले में फंसे जबलपुर के पूर्व आरटीओ संतोष पॉल और उनकी क्लर्क पत्नी रेखा पॉल पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने बड़ी स्ट्राइक की है। ईडी ने पॉल दंपत्ति की करीब 3.38 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। जांच में सामने आया कि संतोष पॉल ने पद पर रहते हुए अपनी कमाई से कई गुना ज्यादा काली कमाई जमा की और उससे आलीशान मकान, प्लॉट और दुकानें खरीदीं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद से परिवहन विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कमाई 73 लाख और संपत्ति बना ली पौने पांच करोड़ की
ईडी की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं वो चौंकाने वाले हैं। जांच के मुताबिक संतोष पॉल और उनकी पत्नी की वैध स्रोतों से कुल आय महज 73.26 लाख रुपये होनी चाहिए थी। लेकिन जब उनके ठिकानों की जांच हुई तो पता चला कि उन्होंने 4.80 करोड़ रुपये की संपत्ति खड़ी कर ली है। यानी अपनी असली कमाई से करीब 650 प्रतिशत ज्यादा की संपत्ति। भ्रष्टाचार की इस काली कमाई को सफेद करने के लिए पॉल दंपत्ति ने इसे जमीन और मकानों में इन्वेस्ट कर दिया था।
आलीशान घर से लेकर कमर्शियल दुकानों तक पर लगा ताला
प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है। कुर्क की गई संपत्तियों में जबलपुर स्थित उनका भव्य निवास, कीमती प्लॉट, खेती की जमीन और कई कमर्शियल दुकानें शामिल हैं। ईडी अब इन संपत्तियों की नीलामी की तैयारी कर रहा है। दरअसल यह पूरा मामला साल 2022 में ईओडब्ल्यू की छापेमारी के बाद शुरू हुआ था। ईओडब्ल्यू ने संतोष पॉल के घर पर दबिश दी थी जिसमें उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल और बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनते ही ईडी ने केस अपने हाथ में ले लिया।
विभाग में चर्चा: क्लर्क पत्नी के साथ मिलकर बनाया था भ्रष्टाचार का किला
सूत्रों के मुताबिक संतोष पॉल ने आरटीओ रहते हुए सिस्टम की कमियों का फायदा उठाया और अपनी पत्नी रेखा पॉल को भी इस खेल में शामिल किया। रेखा पॉल खुद विभाग में हेड क्लर्क थीं। दोनों ने मिलकर अपनी काली कमाई से शहर के प्राइम लोकेशन पर जमीनें खरीदीं। ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट को आधार बनाकर अब ईडी ने उनकी कमर तोड़ दी है। विभाग के पुराने कर्मचारी दबी जुबान में कह रहे हैं कि साहब की रईसी के चर्चे तो बहुत थे, लेकिन अब वही ठाट-बाट उनके गले की फांस बन गए हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
