Google की चेतावनी, 100 करोड़ से ज्यादा फोन हो सकते हैं हैक, आपका फोन भी लिस्ट में तो नहीं?

Google की चेतावनी, 100 करोड़ से ज्यादा फोन हो सकते हैं हैक, आपका फोन भी लिस्ट में तो नहीं?

Google ने Android यूजर्स के लिए बड़ा सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया है. कंपनी ने साफ कर दिया है कि Android 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे फोन अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं पाएंगे. इसका सीधा मतलब है कि ऐसे डिवाइस नए मालवेयर और स्पायवेयर अटैक के लिए ज्यादा असुरक्षित हो गए हैं. दुनियाभर में करीब एक अरब Android यूजर्स इस जोखिम वाले जोन में आ चुके हैं. अगर आपका फोन अपडेट नहीं हो पा रहा, तो उसे बदलने की सलाह दी गई है.

Android 12 के बाद बंद हुए सिक्योरिटी अपडेट
गूगल ने पुष्टि की है कि Android 12 या उससे पुराने वर्जन पर चल रहे स्मार्टफोन को अब नए सिक्योरिटी पैच नहीं मिलेंगे. लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार सिर्फ करीब 57.9 प्रतिशत डिवाइस ही Android 13 या उससे ऊपर के वर्जन पर हैं. बाकी डिवाइस सिक्योरिटी के मामले में फ्रीज हो चुके हैं. 2021 या उससे पहले लॉन्च हुए ज्यादातर फोन इस समस्या से प्रभावित हैं. इसका मतलब है कि सिस्टम की कमजोरियों को अब आधिकारिक तौर पर ठीक नहीं किया जाएगा. इससे हैकिंग और डेटा चोरी का खतरा बढ़ जाता है.

इन एंड्रॉइड वर्जन को मिल रहे हैं सिक्योरिटी अपडेट
एंड्रॉइड 16: 7.5%
एंड्रॉइड 15: 19.3%
एंड्रॉइड 14: 17.2%
एंड्रॉइड 13: 13.9%

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इन वर्जन को नहीं मिल रहे सिक्योरिटी अपडेट
एंड्रॉइड 12: 11.4%
एंड्रॉइड 11: 13.7%
एंड्रॉइड 10: 7.8%
एंड्रॉइड 9: 4.5%

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Android Fragmentation बनी सबसे बड़ी वजह
एंड्रॉयड इकोसिस्टम में अपडेट की जिम्मेदारी सिर्फ गूगल के पास नहीं होती, बल्कि सैमसंग, शाओमी, ओप्पो, वीवो और मोटोरोला जैसे ब्रांड अपने-अपने अपडेट शेड्यूल चलाते हैं. कई कंपनियां 2 से 3 साल बाद डिवाइस को अपडेट देना बंद कर देती हैं. इसी को एंड्रॉयड fragmentation कहा जाता है, जहां अलग-अलग वर्जन एक साथ मार्केट में चलते रहते हैं. इसके उलट एपल अपने आईफोन में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों कंट्रोल करता है. यही कारण है कि पुराने आईफोन को भी लंबे समय तक अपडेट मिलते रहते हैं. एंड्रॉयड में यही गैप सिक्योरिटी रिस्क को बढ़ाता है.

क्या है बचने का तरीका
बिना सिक्योरिटी अपडेट वाले एंड्रॉयड फोन मैलवेयर, स्पायवेयर और एडवांस एक्सप्लॉइट के लिए आसान टारगेट बन सकते हैं. ऐसे अटैक यूजरनेम, पासवर्ड और बैंकिंग ऐप्स का डेटा चुरा सकते हैं. OTP और मैसेज इंटरसेप्ट होने का भी खतरा रहता है. गूगल प्ले प्रोटेक्ट अब भी एंड्रॉयड 7 और उससे ऊपर के वर्जन पर मैलवेयर स्कैनिंग देता है, लेकिन यह सिस्टम लेवल सिक्योरिटी पैच की जगह नहीं ले सकता. गूगल की साफ सलाह है कि अगर फोन एंड्रॉयड 13 या उससे ऊपर अपडेट नहीं हो सकता तो उसे बदल देना बेहतर है. नया मिड रेंज फोन भी पुराने फ्लैगशिप से ज्यादा सुरक्षित साबित होगा.

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