88 करोड़ की ठगी कर UAE भागी थी विशाखा राठौड़, इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद CBI ने भारत लाकर किया गिरफ्तार
नई दिल्ली। करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के एक बड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मिली है। करीब 88 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में लंबे समय से फरार चल रही विशाखा राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। इंटरपोल, विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और UAE की एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से यह कार्रवाई संभव हो सकी। भारत लाए जाने के बाद मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुणे पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने विशाखा राठौड़ को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे पुणे की अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इंटरपोल के रेड नोटिस से मिली बड़ी सफलता
CBI ने बताया कि विशाखा राठौड़ और उसके पति अविनाश राठौड़ के खिलाफ पहले ही इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी कराया गया था। भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर UAE के अधिकारियों ने दोनों की तलाश शुरू की और कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। लंबी कानूनी और राजनयिक प्रक्रिया के बाद 23 जुलाई 2026 को विशाखा राठौड़ को भारत लाया गया। यह ऑपरेशन CBI, इंटरपोल, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से पूरा किया गया।
निवेश के नाम पर रची गई थी 88 करोड़ की ठगी
जांच एजेंसियों के अनुसार, विशाखा राठौड़ और उसके पति अविनाश राठौड़ ने लोगों को आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा देकर करोड़ों रुपये जुटाए। निवेशकों से हर महीने निश्चित और ऊंचा रिटर्न देने का वादा किया गया, लेकिन बाद में उनकी रकम कथित तौर पर हड़प ली गई। आरोप है कि दोनों ने निवेशकों के पैसे को कई बैंक खातों और डीमैट अकाउंट्स के जरिए अलग-अलग स्थानों पर ट्रांसफर कर उसकी वास्तविक ट्रेल छिपाने की कोशिश की। जांच में वित्तीय लेन-देन के जटिल नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
अब पति अविनाश राठौड़ पर भी शिकंजा
CBI के मुताबिक, अविनाश राठौड़ के खिलाफ भी इंटरपोल का रेड नोटिस जारी है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। एजेंसियां उससे जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और विदेशी लेन-देन की भी जांच कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर CBI की बड़ी कार्रवाई
भारत में इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) के रूप में कार्य करने वाली CBI विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर फरार अपराधियों को भारत वापस लाने का काम करती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2019 से जुलाई 2026 के बीच भारत ने 36 देशों से 274 फरार अपराधियों को सफलतापूर्वक वापस लाने में सफलता हासिल की है। विशाखा राठौड़ का प्रत्यर्पण भी इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जांच अभी जारी
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ठगी की रकम कहां-कहां निवेश की गई, किन लोगों या संस्थाओं तक पैसा पहुंचा और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे। संभावना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस हाई-प्रोफाइल निवेश घोटाले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
