नदी के बीच जिंदगी की जंग! खाट पर गर्भवती को लेकर निकले ग्रामीण, अस्पताल में गूंजी किलकारी

नदी के बीच जिंदगी की जंग! खाट पर गर्भवती को लेकर निकले ग्रामीण, अस्पताल में गूंजी किलकारी

धरमजयगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। पक्की सड़क और नदी पर पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस की पहुंच मुश्किल हो गई। ऐसे में ग्रामीणों ने एकजुट होकर महिला को खाट पर लिटाया और कंधों पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाने की जद्दोजहद शुरू की। राहत की बात यह रही कि स्वास्थ्य केंद्र में महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

दर्रापारा में आधी रात को बिगड़ी गर्भवती की हालत
मामला ग्राम पंचायत पेलमा के आश्रित मोहल्ला दर्रापारा का है। जानकारी के मुताबिक, देर रात एक गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसकी स्थिति को देखते हुए तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना जरूरी था, लेकिन गांव तक पक्की सड़क नहीं होने से वाहन के जरिए अस्पताल पहुंचना आसान नहीं था। रास्ते में नदी होने के कारण मुश्किलें और बढ़ गईं। आपात स्थिति में जब सामान्य परिवहन का रास्ता नहीं मिला, तो ग्रामीणों ने खुद ही महिला को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई।

कंधों पर खाट, सामने नदी और सुरक्षित प्रसव की उम्मीद
महिला को खाट पर लिटाकर ग्रामीणों ने उसे कंधों पर उठाया और दुर्गम रास्ते से नदी तक पहुंचे। इसके बाद सावधानी बरतते हुए नदी पार कराई गई। ग्रामीणों की सामूहिक कोशिशों के बाद महिला को पेलमा की मुख्य बस्ती स्थित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ। जच्चा और बच्चा दोनों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।

Read More कवर्धा में सराफा कारोबारी से लूट, बाइक सवार 6 बदमाशों ने घाटी में रोका; चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार

बुनियादी सुविधाओं की कमी ने फिर खड़े किए सवाल
दर्रापारा की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रसव जैसी आपात स्थिति में गर्भवती महिला को खाट पर लादकर नदी पार कराना बताता है कि दुर्गम इलाकों में समय पर चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों की तत्परता से मां और नवजात को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा सका, लेकिन यह घटना व्यवस्था के सामने एक अहम सवाल छोड़ती है, आखिर कब तक सड़क और पुल के अभाव में ग्रामीणों को खाट को ही एंबुलेंस बनाना पड़ेगा?

Read More राज्योत्सव में रेलवे का जलवा, ट्रेन चलाने से लेकर VR गेम तक का रोमांच, SECR के स्टॉल पर उमड़ रही भीड़

Tags:

Latest News

कुरेली सब स्टेशन हादसा, कार्यपालन यंत्री ने मानी विभाग की गलती, बिना ग्लव्स-जूतों के ड्यूटी कर रहा था ऑपरेटर कुरेली सब स्टेशन हादसा, कार्यपालन यंत्री ने मानी विभाग की गलती, बिना ग्लव्स-जूतों के ड्यूटी कर रहा था ऑपरेटर
इमरान हाशमी की हॉरर फिल्मों में वापसी, ‘रूह’ से बड़े पर्दे पर मचेगा खौफ! डर, रोमांस और संगीत का होगा अनोखा संगम
कैलेंडर की तारीख नहीं, देवता की मान्यता से मनती है दिवाली! छत्तीसगढ़ के इस गांव की अनोखी परंपरा
बिलासपुर में रिश्तों का कत्ल! बाहर जाने से रोका तो पोते ने दादी को उतारा मौत के घाट
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारी तेज, BJP ने गठित की प्रदेश चुनाव टोली; संतोष पांडेय बने मुख्य प्रवक्ता
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, चार अधिकारियों का तबादला; प्रशांत चिरवतकर बने नए प्रभारी DEO
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप केस: मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 4 नवंबर को CBI कोर्ट में होगी पेशी
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का Gen-Z अंदाज वायरल, कांग्रेस को दिया जवाब- 'मोदी कहीं नहीं जाएगा, Broooo!'
पाटन चुनाव पर कानूनी शिकंजा बरकरार, भूपेश को सुप्रीम से झटका
काबिलियत पर भरोसा रखो, भीड़ का हिस्सा नहीं अपनी पहचान बनो: राज्यपाल, सातवें दीक्षांत समारोह में 24,800 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
1982 में अधिग्रहित सरकारी जमीन 2011 में बेच दी, मुआवजा लेकर पूर्व मालिक ने कर दी रजिस्ट्री, हाई कोर्ट ने खरीदार को दिया झटका
बड़े प्रतिष्ठानों और मिठाई फैक्ट्रियों को छोड़ गांवों में छापेमारी, खाद्य विभाग की जांच पर संदेह