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कुलदीप सिंह सेंगर को झटका: हिरासत में मौत मामले में सजा निलंबन याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज
नई दिल्ली: वर्ष 2017 में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को निलंबित करने की मांग वाली पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने आज (19 जनवरी) को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने दी स्पष्ट प्रतिक्रिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की सजा निलंबन याचिका को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि याचिका पर निर्णय में देरी का कारण सेंगर द्वारा दाखिल की गई कई अर्जियां हैं। इससे पहले, दुष्कर्म मामले में सजा निलंबित करने के हाईकोर्ट के निर्णय पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। सेंगर ने पिता की हिरासत में मौत के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई 10 साल की सजा को चुनौती दी थी और सजा निलंबित करने का अनुरोध किया था।
मामला और पृष्ठभूमि
- अगस्त 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले सहित पांच केसों का ट्रायल उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया।
- दिसंबर 2019 में सेंगर को रेप का दोषी पाया गया और उसे आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई।
- पिता की हिरासत में मौत के मामले में सेंगर को साजिश का दोषी ठहराया गया।
- जून 2024 में हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले में सजा निलंबन की अपील खारिज कर दी थी।
न्यायिक प्रक्रिया और गंभीर संदेश
इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि सत्ता में होने के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया में देरी या सजा निलंबन की मांग आसानी से नहीं मंजूर होती। यह निर्णय न्याय व्यवस्था की स्वतंत्रता और गंभीर अपराधों में कड़े कदम उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
