एनसीपी नेता जीवन जॉर्ज पाटिल के अपहरण का सनसनीखेज मामला, अपनी ही पार्टी के नेताओं पर साजिश का आरोप
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब उप मुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जीवन जॉर्ज पाटिल के अपहरण का मामला सामने आया। नांदेड़ निवासी पाटिल का सोमवार, 22 दिसंबर को कथित तौर पर अपहरण किया गया, जहां उन्हें जान से मारने की धमकी देने के बाद एक गांव के बाहर छोड़ दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पाटिल ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे अपनी ही पार्टी के नेताओं की साजिश होने का आरोप लगाया है।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज के मुताबिक, जीवन जॉर्ज पाटिल अपनी टोयोटा इनोवा से जा रहे थे, तभी सामने से आई एक महिंद्रा स्कॉर्पियो ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक लिया। स्कॉर्पियो से उतरे तीन लोगों ने पाटिल को जबरन उनकी कार से बाहर निकाला और अपने साथ ले गए। उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके बाद गांव के पास छोड़ दिया गया।
पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप
घटना के बाद पाटिल ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने एनसीपी के अपने सहयोगी नेताओं प्रतापराव गोविंदराव चिखालिकर और मोहनराव मारोत्राओ हंबार्डे पर अपहरण की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पाटिल के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने उन्हें चेतावनी दी कि वे चिखालिकर से किसी भी तरह का टकराव न करें, अन्यथा उनका भी वही हश्र होगा, जो बीड जिले के ग्राम प्रधान संतोष देशमुख का हुआ था, जिनकी पिछले वर्ष अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में प्रताप पाटिल चिखालिकर और मोहनराव मारोत्राओ हंबार्डे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रताप पाटिल चिखालिकर नांदेड़ से वर्तमान विधायक बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें शुभम दत्ता सुनेवाड, राहुल मारोती दासरवाड, कौस्तुभ रमेश रणवीर, विवेक नरहरि सूर्यवंशी, माधव बालाजी वाघमारे, मोहम्मद अफरोज फकीर और देवानंद भोले शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से तीन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल नांदेड़ बल्कि राज्य की राजनीति में भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब आरोप एक ही राजनीतिक दल के भीतर से सामने आए हैं।
