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धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथ: UK स्थित मौलाना की ED जांच में फंसी विदेशी फंडिंग
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटेन में बसे इस्लामिक प्रचारक मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शम्सुल पर धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथ फैलाने और अवैध फंडिंग का आरोप है। यह कार्रवाई यूपी ATS की FIR के आधार पर की गई है।
विदेशी फंडिंग और कट्टरपंथी संपर्क
जांच में सामने आया है कि शम्सुल हुदा खान मदरसा नेटवर्क के जरिए फंड जुटाता रहा और UK-पाकिस्तान स्थित कट्टरपंथी संगठनों से संबंध रखता था। आरोप है कि उसने 2013 में ब्रिटिश नागरिकता हासिल की, लेकिन 2013 से 2017 तक भारत में शिक्षक के रूप में वेतन लेते रहा।
NGO नेटवर्क के जरिए फंडिंग
सूत्रों के अनुसार शम्सुल खान ने अपनी NGO के माध्यम से मदरसों को फंड भेजा। उसने आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे स्थापित किए थे, जिनका रजिस्ट्रेशन बाद में रद्द कर दिया गया। ED अब इनके फंडिंग नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रही है।
भारत और पाकिस्तान में सक्रियता
जांच एजेंसियों का कहना है कि शम्सुल खान UK में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े होने के बावजूद नियमित रूप से भारत आता रहा। इसके अलावा वह पाकिस्तान भी गया और वहां के चरमपंथी संगठनों से संपर्क बनाए रखने का आरोप है।
ED की कार्रवाई का उद्देश्य
ED का कहना है कि मौलाना शम्सुल हुदा खान धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहा था। एजेंसी अब विदेशी फंडिंग, संपत्ति और कट्टरपंथी संपर्कों की पूरी जांच कर रही है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
