ट्विशा शर्मा मौत केस में CBI का हाईटेक एक्शन, ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ से खंगाले जा रहे आखिरी 43 मिनट
भोपाल: भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। कटारा हिल्स स्थित घर में हुई इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए एजेंसी अब हाईटेक ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इस तकनीक के जरिए ट्विशा की मौत से पहले के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार किया जा रहा है, ताकि घटना से ठीक पहले और बाद की हर गतिविधि को समझा जा सके।
CBI सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी घर के अंदर की हर गतिविधि का डिजिटल ट्रैक तैयार कर रही है। इसके लिए CCTV फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, इंटरनेट एक्टिविटी, कॉल डिटेल्स और घर के डिजिटल मैप को आपस में जोड़कर एक वर्चुअल टाइमलाइन बनाई जा रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि घटना के समय ट्विशा घर के किस हिस्से में थी, कौन-कौन लोग अंदर-बाहर आए और क्या किसी डिजिटल सबूत से छेड़छाड़ की गई।
जांच एजेंसी ट्विशा का एक 3D डिजिटल अवतार भी तैयार कर रही है। इस वर्चुअल मॉडल की मदद से CBI यह समझने की कोशिश करेगी कि मौत से पहले घर में क्या घटनाक्रम हुआ। कैमरों के टाइमस्टैंप, इंटरनेट लॉग और मोबाइल एक्टिविटी का मिलान कर हर मिनट की गतिविधि को दोबारा कंप्यूटर पर रीक्रिएट किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह तकनीक केस के कई अहम राज खोल सकती है।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब CBI ने ट्विशा की पूर्व जज सास गिरीबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है। वहीं ट्विशा के पति समर्थ से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा के नाम पर करीब 20 लाख रुपए के शेयर थे, जिन्हें पति और सास अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे थे। परिवार पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक दबाव डालने के आरोप भी लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्विशा ने अपनी मां को फोन पर बताया था कि उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि मानसिक तनाव के कारण वह कुछ समय के लिए राजस्थान चली गई थी। अब CBI डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि यह आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या।
