SIR के बाद यूपी की मतदाता सूची जारी, नाम जोड़ने-हटाने के लिए 1 महीने का मौका

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) के तहत बड़ी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। 6 जनवरी को प्रदेश की फाइनल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है, जिसमें 25 लाख से अधिक डुप्लीकेट नाम चिन्हित किए गए हैं। ये वे मतदाता हैं, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए थे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने जानकारी देते हुए बताया कि SIR अभियान के जरिए प्रदेश में कुल 12 करोड़ 55 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत पाए गए हैं। यह प्रक्रिया आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची को पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से की गई है।

नाम जोड़ने, हटाने और सुधार का मौका
चुनाव आयोग ने आम नागरिकों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता को अपने नाम, पते, उम्र या अन्य विवरणों को लेकर कोई आपत्ति या सुधार कराना है, तो वे 6 जनवरी से 6 फरवरी के बीच दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

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इस अवधि के दौरान:

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  • नया नाम जुड़वाया जा सकता है
  • गलत या डुप्लीकेट नाम हटवाए जा सकते हैं
  • त्रुटिपूर्ण विवरण में सुधार कराया जा सकता है

2003 की वोटर लिस्ट से रिकॉर्ड गायब होने पर नोटिस
निर्वाचन आयोग ने बताया कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं है, उन्हें अब नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर मतदाता को अपनी पात्रता सिद्ध करनी होगी।

अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को होगी जारी

  • दावे और आपत्तियां: 6 जनवरी से 6 फरवरी
  • निराकरण की प्रक्रिया: फरवरी माह
  • फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 6 मार्च

फाइनल ड्राफ्ट में शामिल मतदाताओं की संख्या
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, वर्तमान ड्राफ्ट सूची में कुल 12,55,56,25 मतदाता शामिल हैं। यह व्यापक अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों, 403 विधानसभा क्षेत्रों, 42 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और करीब 16.62 लाख बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा वॉलंटियर्स के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया गया और हस्ताक्षरित एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र किए गए, जिससे मतदाता सूची की प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सके।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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