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मुंबई में अवैध बांग्लादेशी नागरिक फिर गिरफ्तार: डिपोर्टेशन के बाद भी लौट रहे घुसपैठिए, पुलिस ने तेज की कार्रवाई
मुंबई। मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। डिपोर्ट किए जाने के बाद भी कुछ लोग अवैध तरीके से दोबारा भारत लौट रहे हैं। हाल ही में विले पार्ले इलाके से 46 वर्षीय राबिया नासिर मुल्ला को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें छह महीने पहले मीरा-भायंदर से पकड़े जाने के बाद बांग्लादेश भेजा गया था।
डिपोर्ट के बाद फिर भारत में एंट्री
पुलिस के अनुसार, राबिया पिछले 25 वर्षों से मीरा-भायंदर क्षेत्र में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि वह जंगलों के रास्ते सीमा पार कर फिर भारत में दाखिल हुई। इसी तरह पिछले महीने मुंबई के अलग-अलग इलाकों से पकड़ी गई 38 वर्षीय जुलेखा जमाल शेख और 30 वर्षीय बिलकिस बेगम सिरमिया अख्तर ने भी दावा किया कि उन्हें अगस्त 2025 में बांग्लादेश भेजा गया था, लेकिन वे अवैध रूप से दोबारा लौट आईं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की सीमा पूरी तरह सील नहीं होने और कुछ मामलों में कथित भ्रष्टाचार के कारण घुसपैठ की घटनाएं सामने आती रही हैं।
हजारों गिरफ्तार, अभियान जारी
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) समेत पूरे राज्य में अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में 1,237 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। वर्ष 2025 में एक हजार से अधिक लोगों को डिपोर्ट किया गया, जबकि 2026 में भी सैकड़ों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।मुंबई के सभी 93 पुलिस थानों को लगातार सत्यापन और छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
वर्सोवा और अंधेरी में बड़ी कार्रवाई
पिछले सप्ताह वर्सोवा पुलिस ने अंधेरी (पश्चिम) से 21 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जिनमें 18 ट्रांसजेंडर शामिल बताए गए हैं। सभी मामलों की रिपोर्ट विदेशी नागरिक पंजीकरण अधिकारी (FRO) को भेजी गई है ताकि डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस घटनाक्रम ने सीमा सुरक्षा, पहचान सत्यापन और डिपोर्टेशन प्रक्रिया की प्रभावशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
