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Vastu Tips: हाथी की सूंड़ ऊपर हो या नीचे? मूर्ति रखने से पहले जान लें ये 5 जरूरी वास्तु नियम
नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर में रखा हर सामान हमारे जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालता है। इन्हीं में से एक बेहद प्रभावशाली और शुभ प्रतीक है 'हाथी'। हाथी को प्राचीन काल से ही ऐश्वर्य, शक्ति और बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना गया है। अगर आप अपने घर या वर्क प्लेस पर सही तरीके से हाथी की प्रतिमा स्थापित करते हैं, तो यह न केवल सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है, बल्कि जीवन में संतुलन और मानसिक मजबूती भी लाता है।
1. मुख्य द्वार पर सुरक्षा कवच
- वास्तु के अनुसार, अगर आप अपने घर के मुख्य द्वार पर हाथी की दो मूर्तियां रखते हैं, तो यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।
ध्यान रखें कि इन हाथियों की सूंड़ ऊपर की ओर उठी हुई होनी चाहिए। - इनका मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए, ताकि धन, सौभाग्य और खुशहाली बाहर जाने के बजाय घर के भीतर आए।
ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियां और बुरी नजर प्रवेश नहीं कर पाती।
2. दक्षिण दिशा का विशेष महत्व
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बड़ा महत्व है। घर की दक्षिण दिशा में हाथी की प्रतिमा रखना अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव सक्रिय होते हैं, जिससे प्रॉपर्टी, जमीन-मकान और निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही, सामाजिक जीवन और करियर में भी उन्नति होती है।
3. ज्योतिषीय और मानसिक लाभ
ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से भी हाथी का बहुत महत्व है। राहु ग्रह के कारण होने वाली अचानक परेशानियां, भ्रम और तनाव को दूर करने के लिए ठोस चांदी या पीतल का हाथी घर में रखना बहुत फायदेमंद होता है। यह राहु के नकारात्मक प्रभावों को कम कर मानसिक शांति प्रदान करता है।
4. सूंड़ की दिशा का संकेत
हाथी की प्रतिमा लेते समय उसकी सूंड़ की दिशा पर जरूर ध्यान दें:
- ऊपर उठी हुई सूंड़: यह विजय, सफलता और उन्नति का प्रतीक मानी जाती है।
- नीचे झुकी हुई सूंड़: यह विनम्रता, धैर्य और एक स्थिर मन का संकेत देती है।
जरूरी सावधानियां
हाथी की मूर्ति पीतल, चांदी, तांबा या पत्थर से बनी हो तो इसे सबसे उत्तम माना जाता है। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि घर में कभी भी टूटी हुई या खंडित प्रतिमा न रखें। वास्तु के अनुसार, ऐसी प्रतिमा तुरंत हटा देनी चाहिए क्योंकि यह वास्तु दोष पैदा कर सकती है और लाभ के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
