Shattila Ekadashi 2026 Date: 13 या 14 जनवरी, कब है षटतिला एकादशी? अभी नोट करें तिथि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन तिल का दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

षटतिला एकादशी 2026 डेट और टाइम (Shattila Ekadashi 2026 Date and Time)
वैदिक पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत 14 जनवरी (Kab Hai Shattila Ekadashi 2026) को किया जाएगा और अगले दिन यानी 15 जनवरी को व्रत का पारण किया जाएगा।
माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट पर
माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन - 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर

षटतिला एकादशी 2026 व्रत पारण का टाइम (Shattila Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। 15 जनवरी को व्रत का पारण करने का समय सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 21 मिनट तक है। द्वादशी तिथि पर मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए।

Read More आप करोड़पति बनेंगे या नहीं? हथेली पर सूर्य रेखा, भाग्य रेखा, अर्थ त्रिभुज को देखकर समझें पूरा कैलकुलेशन

षटतिला एकादशी पूजा विधि (Shattila Ekadashi Puja Vidhi)

Read More Falgun Pradosh Vrat 2026: फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़ें धारण करें।
  • मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।
  • भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें।
  • श्रीहरि को चंदन, पीले फूल, माला अर्पित करें।
  • दीपक जलाकर आरती करें।
  • व्रत कथा का पाठ करें।
  • मंत्रों का जप करें।
  • पंजीरी और पंचामृत आदि का भोग लगाएं।
  • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रभु से कामना करें।

इन बातों का रखें ध्यान

  • एकादशी के दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें।
  • इसके अलावा काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  • किसी से वाद-विवाद न करें।
  • तुलसी के पत्ते न तोड़े। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।
  • घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
  • पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

More News

सीएसपीडीसीएल में बड़ा खेल: बिना काम किए ही 120 कर्मचारियों का वेतन भुगतान तय, तीन दिन पहले ही रोस्टर चार्ट मंजूर

राज्य

शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग शंकराचार्य विवाद पर बढ़ी सियासी-धार्मिक हलचल: कंप्यूटर बाबा ने द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग
नई दिल्ली/प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले को लेकर देशभर में धार्मिक...
काशी के मणिकर्णिका घाट पर ‘मसान की होली’ को लेकर विवाद तेज, डोम राजा ने दी दाह संस्कार रोकने की चेतावनी
मेघालय विधानसभा में ‘सियासी जुगलबंदी’: विधायक पत्नी ने CM पति से मांगा प्रोजेक्ट का हिसाब
हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस: 590 करोड़ के घोटाले में मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार, आज कोर्ट में पेशी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘न्यायपालिका को बदनाम नहीं होने देंगे’, NCERT के ‘ज्यूडिशियल करप्शन’ चैप्टर पर आपत्ति