सत्ता संभालते ही घिरे Balen Shah: छात्र आंदोलन भड़का, भारत से सामान पर टैक्स और गृह मंत्री विवाद ने बढ़ाया बवाल
नई दिल्ली। Nepal में नई सरकार के गठन के कुछ ही हफ्तों के भीतर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रधानमंत्री Balen Shah को कई मोर्चों पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जहां छात्र संगठनों से लेकर आम नागरिक तक सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी Kathmandu सहित कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जो सरकार के शुरुआती फैसलों के खिलाफ बढ़ते असंतोष को दर्शाते हैं।
विवाद की मुख्य वजह हाल ही में लागू की गई कस्टम ड्यूटी नीति है, जिसके तहत भारत से आने वाले 100 रुपये से अधिक कीमत के सामान पर टैक्स अनिवार्य किया गया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर पड़ा है, जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर रहते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह नीति उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा बोझ डाल रही है और जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करती है।
दूसरी ओर, छात्र संगठनों को लेकर सरकार के रुख ने भी असंतोष को हवा दी है। आरोप है कि सरकार राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संघों की गतिविधियों को सीमित करने की कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर देशभर में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी देखी जा रही है। कई जगहों पर छात्र स्कूल यूनिफॉर्म में सड़कों पर उतरकर नारेबाजी करते नजर आए, जिससे आंदोलन का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ता जा रहा है।
विरोध का एक और प्रमुख कारण गृह मंत्री Sudan Gurung पर लगे गंभीर आरोप हैं। उन पर कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं, जिसके चलते विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती स्थिति को संभालने और जनता का भरोसा बनाए रखने की है।
