Personality Development: ये 5 आदतें छोड़ दें तो दूसरों की नज़रों में हीरो होंगे आप, जान लीजिए

Personality Development: क्या आपने कभी महसूस किया है कि आप दिल से अच्छे हैं, मेहनती हैं, फिर भी लोग आपको उतनी अहमियत नहीं देते जितनी आपको मिलनी चाहिए? आपकी बातों को हल्के में लिया जाता है, आपकी मौजूदगी को नजरअंदाज कर दिया जाता है और कई बार तो लोग आपके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे आपकी कोई वैल्यू ही नहीं है. धीरे-धीरे ये सब आपके आत्मविश्वास को अंदर से खोखला करने लगता है. अक्सर समस्या हमारे हालातों में नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतों में होती है. जो अनजाने में लोगों को ये संदेश दे देती हैं कि हमें हल्के में लिया जा सकता है.

हम बार-बार दूसरों को खुश करने की कोशिश करते हैं, हर बात पर हां कह देते हैं, अपनी जरूरतों को पीछे रख देते हैं और फिर उम्मीद करते हैं कि लोग हमें सम्मान देंगे.चलिए आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि, वो कौन सी आदते हैं जो आपको बदलनी चाहिए. ताकि लोग आपकी वैल्यू करें.

हर बात पर ‘हां’ कह देना
आप हर किसी की मदद के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं. चाहे खुद थके हों, बिज़ी हों या मन न हो फिर भी मना नहीं करते. आपकी यही आदत आपकी वैल्यू को कम करती है. इससे लोग आपको ऑप्शन समझने लगते हैं और प्रायोरिटी नहीं देते हैं. ऐसे में हर बार आपको हां कहना जरूरी नहीं है. बल्कि शांति से न कहना सीखें.

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खुद को कम आंककर बोलना
कुछ लोगों में ये आदत होती है कि वो दूसरे के सामने खुद को ही कम आंकने लगते हैं. जैसे मुझे ज्यादा नहीं आता है, मैं तो बस ऐसे ही बोल रहा था, शायद में गलत हूं….ऐसे में लोग आपकी इन बातों को मानने लगते हैं और आपके बारे में ऐसा ही विचार बना लेते हैं. इसलिए अगर आपको अपनी वैल्यू करानी है तो अपनी बात कन्फिडेंस से रखें. अपनी अर्चिवमेंट को छोटा मत बनाइए.

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बार-बार दूसरों से वैलिडेशन मांगना
अगर आप भी अपने हर फैसले में दूसरों की वैलिडेशन लेते हैं तो ये आपकी सबसे बड़ी गलती है. कुछ मामलों में ये सही हो सकता है. लेकिन हर बार ऐसा करने से आपकी वैल्यू कम होती है. लोगों को लगता है कि, आप खुद पर भरोसा नहीं करते. ऐसे में छोटे फैसले खुद लेना शुरू करें. गलतियां होंगी, लेकिन आत्मनिर्भरता आएगी. जब आपको खुद पर भरोसा होगा तो लोग भी आप पर भरोसा करेंगे.

डिसरिस्पेक्ट को चुपचाप सह लेना
मजाक और डिसरिस्पेक्ट में फर्क होता है. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो डिसरिस्पेक्ट को भी चुपचाप सह लेते हैं. चाहे कोई आपकी बात काट दे, ताने मारे, इग्नोर करे लेकिन आप चुप ही रहते हैं. ये चुप्पी ही आपको कमजोर बनाती है. ऐसे में आपको मजाक और डिसरिस्पेक्ट के बीच एक सीमा तय करें. अगर कुछ बुरा लगे तो साफ शब्दों में नर्मी के साथ अपनी बात को रखिए.

खुद को सबसे पीछे रखना
पहले सब, बाद में मैं…कुछ लोगों की जिंदगी यही पर ही चलती है. लेकिन ये आदत आपको सबसे पीछे कर देती है. इसी वजह से लोग आपको अहमियत नहीं देते. इसलिए खुद के लिए समय तय करें, अपनी हेल्थ, ग्रोथ, सेल्फ केयर और सेल्फ रिस्पेक्ट पर पहले फोकस करें.

लेखक के विषय में

मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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