महिला आयोग में कुर्सी की जंग: ममता ने संभाला कामकाज, दफ्तर पहुंचीं किरणमयी बोलीं- कार्यकाल मेरा, यह पद भी मेरा

महिला आयोग में कुर्सी की जंग: ममता ने संभाला कामकाज, दफ्तर पहुंचीं किरणमयी बोलीं- कार्यकाल मेरा, यह पद भी मेरा

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान अब और गहरा गया है। एक ही कुर्सी और उस पर दो दावेदार आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को रायपुर के शास्त्री चौक स्थित महिला आयोग कार्यालय में गजब की तनातनी का नजारा देखने को मिला। राज्य सरकार की ओर से नियुक्त की गईं डॉ. ममता साहू ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया। वहीं, दूसरी ओर पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने भी दफ्तर पहुंचकर इसी कुर्सी पर अपना दावा ठोक दिया है।

ममता का तर्क: जब तक कोर्ट का विपरीत आदेश नहीं, सरकार का फैसला प्रभावी

मंगलवार को अध्यक्ष पद का प्रभार लेने के बाद डॉ. ममता साहू पूरे आत्मविश्वास में नजर आईं। कामकाज शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण और महिला सशक्तिकरण के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगी। कुर्सी को लेकर उठ रहे विवाद पर उनका कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी नियुक्ति की है। जब तक हाईकोर्ट की ओर से कोई विपरीत आदेश नहीं आ जाता, तब तक सरकार का नियुक्ति आदेश पूरी तरह से प्रभावी रहेगा।

Read More भगवान के भरोसे था 540 करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड! गिरफ्तारी से बचने देशभर के मंदिरों में कराता रहा 'विशेष पूजा', बेटे पर आंच आई तो EOW दफ्तर में टेक दिए घुटने

दल-बल के साथ पहुंचीं किरणमयी, कहा- मामला लंबित है

Read More सीईओ के सूने घर पर चोरों का धावा! ताला तोड़कर 50 हजार कैश और चांदी ले उड़े, CCTV में कैद हुई पूरी करतूत

उधर, इसी दौरान पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक भी आयोग कार्यालय पहुंच गईं। उन्होंने वहां अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत और आयोग की सदस्य सरला कोसरिया समेत कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। किरणमयी नायक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह पद मेरा है। उनका दावा है कि उनके मामले की सुनवाई अभी हाईकोर्ट में लंबित है। इसलिए अंतिम निर्णय आने तक राज्य सरकार इस पद पर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति नहीं कर सकती। बता दें कि राज्य सरकार ने 7 जुलाई को डॉ. ममता साहू को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

 

कोर्ट के आदेश तक पद यथावत रहने का दावा

डॉ. किरणमयी नायक ने अपने कार्यकाल का कानूनी ब्यौरा देते हुए बताया कि उनका पहला कार्यकाल 23 जुलाई 2020 से 22 जुलाई 2023 तक का था। इसके बाद उनका दूसरा कार्यकाल जुलाई 2023 से शुरू होकर 20 जुलाई 2026 तक के लिए है। उनका कहना है कि 15 दिसंबर 2023 को राज्य सरकार ने उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

न्यायालय ने सरकार के उस आदेश पर स्थगन दे दिया था। यह मामला अभी भी अंतिम सुनवाई के लिए कोर्ट में अटका है। उनके अनुसार, जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक उनका पद यथावत है। ऐसे में नई नियुक्ति लागू करने का प्रयास करना न्यायालय की अवमानना का विषय बन सकता है। फिलहाल, महिला आयोग कार्यालय में एक ही कुर्सी पर दो नेताओं के दावे ने प्रशासनिक अमले को भी पसोपेश में डाल दिया है।

Tags:

Latest News

छत्तीसगढ़ विधानसभा का तीसरा दिन: सवालों की बौछार, ध्यानाकर्षण में उठेंगे बड़े मुद्दे, देखे लाइव वीडियो छत्तीसगढ़ विधानसभा का तीसरा दिन: सवालों की बौछार, ध्यानाकर्षण में उठेंगे बड़े मुद्दे, देखे लाइव वीडियो
Supreme Court में हाई-वोल्टेज हंगामा! जजों से तीखी बहस, दस्तावेज फेंकने के आरोप में प्रबल प्रताप समेत दो छात्र गिरफ्तार
iPhone यूजर्स की बड़ी टेंशन खत्म! iCloud के बिना भी WhatsApp Chats का होगा बैकअप?
सिर्फ दही खाने से नहीं सुधरती Gut Health! एक्सपर्ट ने बताए सबसे बड़े मिथक और सच्चाई
फर्जी टीपी से चल रहा था खैर लकड़ी की तस्करी का खेल: नाकों पर क्यूआर स्कैनर नहीं होने का तस्कर उठा रहे फायदा; मास्टरमाइंड फरार
महिला आयोग में कुर्सी की जंग: ममता ने संभाला कामकाज, दफ्तर पहुंचीं किरणमयी बोलीं- कार्यकाल मेरा, यह पद भी मेरा
पेण्ड्रा में सिस्टम लाचार: मुख्य मार्ग पर सरकारी जमीन कब्जा कर तान दी अवैध 'जी.के. टाउनशिप', 3 नोटिस के बाद भी निर्माण जारी
महादेव सट्टा एप केस: 940 करोड़ की संपत्तियां अटैच होने के बाद कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली में अरेस्ट, शेयर बाजार में खपा रहा था हवाला का पैसा
बाल संप्रेक्षण गृह : चौकीदार हत्या मामले में परिजन कर रहे CBI जाँच की मांग
'युवाओं के लिए कैसे आदर्श?' समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 10 लाख का जुर्माना
5 लाख में एक दुर्लभ मामला! 3 महीने के मासूम के पेट से निकला अधूरा जुड़वां भ्रूण, सफल सर्जरी के बाद बच्चा स्वस्थ
आदिवासी विकास पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड: ढाई वर्षों की उपलब्धियों का ब्यौरा, मंत्री रामविचार नेताम ने गिनाए बड़े बदलाव