कोयला चोरी के मास्टरमाइंड को बचाने थाने में दिनभर चलती रही 'सेटिंग', SSP की सख्ती से बिगड़ा खेल, भेजा गया जेल
बिलासपुर। जिले में कोयला चोरी और उसमें मिलावट करने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह का सकरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने कोल माफिया और फरार मास्टरमाइंड अजय कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी की रसूख इतनी थी कि उसे छुड़ाने के लिए उसके चाहने वाले दिनभर थाने में डेरा डाले रहे और पुलिस के साथ 'सेटिंग' करने की पुरजोर कोशिश की। लेकिन एसएसपी की सख्ती के सामने किसी की दाल नहीं गली। आखिरकार सीएसपी को खुद थाने भेजा गया और आरोपी को कोर्ट में पेश कर सीधे जेल (न्यायिक रिमांड) भेज दिया गया।
ड्राइवर के नाम पर डिपो, बैंक खाते ने खोली पोल
पुलिस जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड अजय कुमार सिंह बेहद शातिराना तरीके से इस पूरे खेल को अंजाम दे रहा था। पकड़े जाने के डर से उसने कोल डिपो का एग्रीमेंट अपने नाम पर न रखकर ड्राइवर दिलीप यादव के नाम पर बनवा रखा था। लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वह बच नहीं सका। जांच में खुलासा हुआ कि डिपो के प्लॉट का 10 हजार रुपये किराया सीधे अजय सिंह के बैंक अकाउंट से ट्रांसफर किया जाता था। इसी बैंक ट्रांजेक्शन और खाते की डिटेल ने उसकी पूरी पोल खोल कर रख दी और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह डिपो संचालक के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर कोयले की हेराफेरी करवाता था।
क्या है पूरा मामला?
सकरी टीआई उमेश साहू ने बताया कि, भाटिया एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन प्राइवेट लिमिटेड (लोखंडी) के प्रतिनिधि आर.के. पाण्डेय ने 10 जून 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी ने दीपका कोल माइंस से एफ/जी ग्रेड का उच्च गुणवत्ता वाला कोयला मंगवाया था। 10 जून की सुबह तीन ट्रेलरों के जरिए कोयला प्लांट पहुंचा। लेकिन जब प्लांट में कोयले का लैब परीक्षण (टेस्टिंग) किया गया, तो प्रबंधन के होश उड़ गए। कोयले की गुणवत्ता निर्धारित ग्रेड की थी ही नहीं।
रास्ते में ही कर देते थे खेल
जांच में साफ हुआ कि रास्ते में ही ट्रेलरों से अच्छी क्वालिटी का कोयला निकालकर उसमें घटिया और निम्न गुणवत्ता का कोयला मिला दिया गया था। पुलिस ने जब ट्रेलर चालकों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने सारा राज उगल दिया। चालकों ने बताया कि यह पूरी हेराफेरी बालाजी कोल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन के संचालक और प्लांट के सुपरवाइजर सहित अन्य लोगों की मिलीभगत से की गई थी।
6 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
इस संगठित कारोबार पर हथौड़ा चलाते हुए सकरी पुलिस ने मामले में पहले ही छह आरोपियों को धर दबोचा था। इनमें आशिक हुसैन अंसारी, फैजान रजा अंसारी, फुजैल अंसारी, गौरव राजपूत, सीबू खान और ड्राइवर दिलीप कुमार यादव शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इस पूरे प्रकरण की अहम कड़ी और मुख्य सूत्रधार अजय कुमार सिंह (निवासी समृद्धि विहार, कोनी) वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था। अब इस मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से कोयले के इस काले कारोबार से जुड़े अन्य लोगों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
