Forest Department Action: सूरजपुर में लकड़ी तस्करों पर शिकंजा, सागौन से लदी पिकअप जब्त; तीन आरोपी गिरफ्तार
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन की लकड़ी से लदी एक पिकअप वाहन जब्त की है। रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त के दौरान हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लकड़ी बिना किसी वैध अनुमति के जंगल से काटकर दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही थी। वन विभाग ने मामले में कई धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रात 3 बजे घेराबंदी कर पकड़ी गई पिकअप
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमित रात्रि गश्त के दौरान छिंदिया बीट क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली। इसके बाद टीम ने घेराबंदी कर सफेद रंग की पिकअप (CG 15 AC 1294) को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सागौन प्रजाति के चार इमारती लट्ठे मिले। पूछताछ के दौरान चालक और साथ मौजूद लोगों से लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
वन विभाग की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि लकड़ी छिंदिया के जंगल से काटकर सिंगतपुर ले जाई जा रही थी। जब्त सागौन लकड़ी का कुल आयतन 0.580 घन मीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 47,826 रुपये आंकी गई है। वहीं, जब्त पिकअप वाहन की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 2.48 लाख रुपये है।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें
- भारतीय वन अधिनियम, 1927
- छत्तीसगढ़ वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969
- छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम, 1984 की संबंधित धाराएं शामिल हैं।
तस्करी नेटवर्क की भी होगी जांच
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जंगलों में अवैध कटाई व लकड़ी तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
