Baloda Bazar News: सरकारी दफ्तरों में अब प्रीपेड बिजली व्यवस्था, अगस्त से स्मार्ट मीटर के जरिए होगा रिचार्ज; कलेक्टर के सख्त निर्देश
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में सरकारी कार्यालयों की बिजली व्यवस्था अब पूरी तरह डिजिटल होने की दिशा में बढ़ रही है। बलौदाबाजार जिले में शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर आधारित बिजली बिलिंग प्रणाली लागू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस संबंध में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने समय-सीमा की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार अब सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत प्रीपेड रिचार्ज सिस्टम के माध्यम से संचालित होगी, जिससे बिल भुगतान में पारदर्शिता आएगी और बकाया बिलों की समस्या भी कम होगी।
दो चरणों में लागू होगी नई व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि प्रीपेड बिजली बिलिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में अगस्त 2026 से विकासखंड स्तर एवं उससे ऊपर के सभी शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली बिलिंग शुरू होगी। इसके बाद दूसरे चरण में विकासखंड से नीचे स्तर के कार्यालयों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
स्मार्ट मीटर से होगा बिजली रिचार्ज
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सरकारी कार्यालय में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर को आवश्यकता के अनुसार रिचार्ज करना होगा। रिचार्ज समाप्त होने से पहले समय पर राशि जमा कर बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और बिजली की अनावश्यक खपत पर भी नियंत्रण लगेगा।
बकाया बिजली बिल का भी बना प्लान
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि जिन विभागों पर पुराने बिजली बिल बकाया हैं, उनकी राशि को फ्रीज किया जाएगा। इसके बाद इस बकाया का भुगतान चार समान तिमाही किश्तों में किया जाएगा, ताकि विभागों पर एकमुश्त वित्तीय दबाव न पड़े।
नोडल अधिकारी करेंगे निगरानी
नई व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य स्तर पर भी मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में प्रीपेड रिचार्ज प्रक्रिया तत्काल शुरू करें और शासन के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करें।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल
प्रशासन का मानना है कि प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू होने से बिजली बिलों के भुगतान में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक बकाया कम होगा और सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बन सकेगा।
