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रानू हत्याकांड: कोरबा में घर की दहलीज पर कत्ल, पुलिस की गश्त के दावों की खुली पोल, अब भी कातिल फरार
कोरबा। दीपका के नागिन झोरखी में बीती कल शाम जो कुछ हुआ उसने पुलिसिया दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। 13 साल की मासूम रानू साहू को उसके ही घर में घुसकर अज्ञात हमलावर ने मौत के घाट उतार दिया। जब पूरा इलाका शाम की चहल-पहल में गुम था तब एक सुनेपन का फायदा उठा कर अज्ञात हत्यारे ने घर में घुसकर बच्ची का सिर भारी पत्थर से कुचल दिया। परिवार वाले जब शाम 7 बजे लौटे तो घर के आंगन में बेटी की खून से सनी लाश देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह है कि वारदात के घंटों बाद भी कातिल पुलिस की पकड़ से कोसों दूर है।
साहब के गश्ती दल को खबर तक नहीं लगी
कहने को तो दीपका पुलिस इलाके में शांति और सुरक्षा का दम भरती है लेकिन रानू की मौत ने इन खोखले दावों की असलियत सामने ला दी है। जिस वक्त हत्यारा मासूम पर वार कर रहा था और रानू अपनी जान बचाने के लिए चीख रही होगी तब शायद पुलिस की गश्ती गाड़ियां मुख्य सड़कों पर सायरन बजाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही थीं। गलियों के भीतर अपराधी किस कदर सक्रिय हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम के वक्त एक घनी बस्ती में हत्यारा आता है वारदात करता है और बड़े आराम से निकल जाता है। पुलिस की खुफिया विंग और बीट के सिपाही क्या सिर्फ कागजों पर ही तैनात हैं।
खून के धब्बे और बिखरी चूड़ियां बयां कर रही हैं नृशंस हत्या की कहानी
घटना का दृश्य इतना भयावह था कि उसे देखकर कलेजा कांप जाए। कमरे के फर्श पर रानू का शव पड़ा था और चारों तरफ खून की धार बह रही थी। हमलावर ने किसी भारी वस्तु से उसके सिर पर इतने प्रहार किए कि मासूम का चेहरा पहचानना मुश्किल हो गया। फर्श पर गिरे बर्तन और रानू के संघर्ष के निशान बता रहे थे कि उसने आखिरी सांस तक मौत को मात देने की कोशिश की होगी। परिजन बदहवास हैं और बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या उनकी बेटी का कसूर सिर्फ इतना था कि वह घर में अकेली थी।
थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू का सीधा जवाब जांच जारी है
घटना के बाद हमेशा की तरह पुलिस दल-बल के साथ पहुंची और साक्ष्य जुटाने की रस्म अदायगी शुरू की। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि यह जांच कब पूरी होगी। स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। गांव वालों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती की वजह से अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि पुलिस कुछ पुराने
अपराधियों को उठाकर पूछताछ तो कर रही है लेकिन ठोस कामयाबी अब तक हाथ नहीं लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कहा कि जब अपराधी को पता था कि रानू घर में अकेली है तो साफ है कि उसने पहले रेकी की थी। क्या पुलिस को ऐसी किसी संदिग्ध गतिविधि की भनक तक नहीं थी। फिलहाल पूरे इलाके में मातम और आक्रोश है और लोग सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
