रायपुर संजय नगर सामूहिक मौत मामला: बैटरी कारोबारी ने पहले पत्नी और तीन बच्चों को दिया जहर, फिर खुद लगाई फांसी? जानिए अब तक की पूरी कहानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के संजय नगर में सामने आए एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बैटरी कारोबारी साजिद अली उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत की वास्तविक वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के बाद ही हो सकेगा। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
संजय नगर में एक साथ मिले पांच शव
शुक्रवार रात संजय नगर स्थित एक किराए के मकान से एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों में 50 वर्षीय साजिद अली, उनकी पत्नी राबिया बानो (45), बेटा इरशाद अली (20), बेटी शाहिदा बेगम (15) और इरशाबा परवीन (12) शामिल हैं। बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और कुछ समय पहले ही रायपुर आकर बस गया था। साजिद पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करता था और करीब आठ महीने पहले संजय नगर के इस मकान में किराए से रहने आया था।
ऐसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, परिवार को गुरुवार शाम आखिरी बार देखा गया था। इसके बाद शुक्रवार पूरे दिन घर का दरवाजा बंद रहा। पहली मंजिल पर रहने वाले दूसरे परिवार को तब शक हुआ जब साजिद की दोनों बेटियां, जो अक्सर उनके घर आती थीं, पूरे दिन दिखाई नहीं दीं। कई बार दरवाजा खटखटाने और मोबाइल फोन पर संपर्क करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मकान मालिक भी मौके पर पहुंचे। दरवाजे के पास पहुंचने पर अंदर से बदबू आने लगी, जिसके बाद रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया तो अंदर का दृश्य बेहद दर्दनाक था। साजिद का शव फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और तीनों बच्चों के शव कमरे में पड़े थे।
जहर देने की आशंका, फॉरेंसिक जांच जारी
घटनास्थल से पुलिस को कीटनाशक की एक शीशी और खाने-पीने का सामान मिला है। मृतकों के मुंह से झाग निकलने की बात भी सामने आई है। इन परिस्थितियों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि परिवार के सदस्यों ने जहरीला पदार्थ युक्त भोजन किया था। हालांकि पुलिस ने अभी इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि विसरा रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
आर्थिक संकट और कर्ज का एंगल भी जांच में
स्थानीय लोगों के अनुसार, साजिद अली पिछले कुछ समय से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। बताया जा रहा है कि बैटरी के कारोबार में नुकसान और बढ़ते कर्ज के कारण वह मानसिक तनाव में रहता था। पुलिस आर्थिक लेन-देन, कर्ज, कारोबार की स्थिति और पारिवारिक संबंधों की भी जांच कर रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आर्थिक संकट इस घटना की वजह बना या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
चार संदिग्ध लोगों की तलाश
मामले में एक नया पहलू भी सामने आया है। मोहल्ले के कुछ लोगों ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले लगातार कई दिनों तक तीन से चार अज्ञात युवक साजिद के घर आते-जाते देखे गए थे। बताया गया कि वे कुछ देर घर में रुकते और फिर चले जाते थे। पुलिस अब इन लोगों की पहचान करने में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कौन थे, उनका परिवार से क्या संबंध था और क्या उनका इस मामले से कोई संबंध है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटनास्थल का निरीक्षण एफएसएल टीम ने किया है और कई अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, संजय नगर की यह घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेंगे।
