शिक्षा के मंदिर में नशे की एंट्री! एक छात्र ने 8 साथियों को खिलाई संदिग्ध गोलियां, 8 बच्चे अस्पताल पहुंचे, एक की हालत गंभीर, मचा हड़कंप
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सरकारी स्कूल से चिंताजनक मामला सामने आया है। शहर के पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आज कथित रूप से नशीली गोलियां खाने के बाद आठ छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इनमें से एक छात्र की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि सूचना मिलते ही परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल और स्कूल पहुंच गए।
सहपाठी पर गोलियां देने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र पर अपने साथियों को कथित रूप से नशीली दवा की गोलियां देने का आरोप है। बताया जा रहा है कि गोलियां खाने के कुछ समय बाद बच्चों को चक्कर आने, घबराहट और बेहोशी जैसी समस्या होने लगी। उनकी तबीयत बिगड़ते देख स्कूल प्रबंधन ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और सभी छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की है कि बच्चों ने कौन-सी दवा या पदार्थ लिया था। इसकी पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
एक छात्र ICU में भर्ती
अस्पताल में भर्ती छात्रों में नैतिक रामटेक की हालत सबसे गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने उसे गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कर निगरानी में रखा है। अन्य सात छात्रों का भी उपचार जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार, सभी बच्चों की मेडिकल जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किस प्रकार की दवा या पदार्थ का सेवन किया था।
परिजनों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और कोतवाली थाना पहुंचकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि स्कूल परिसर में बच्चों तक कथित नशीली दवा कैसे पहुंची, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच
कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को कथित रूप से दी गई दवा क्या थी, वह कहां से लाई गई, किसने उपलब्ध कराई और किन परिस्थितियों में छात्रों तक पहुंची। इसके अलावा पुलिस स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, छात्रों और परिजनों के बयान भी दर्ज कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर दवा के नमूने और मेडिकल रिपोर्ट को फॉरेंसिक जांच के लिए भी भेजा जाएगा। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। तब तक मामले के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
