भोजशाला विवाद में नया मोड़! प्रशासन ने नमाज के लिए दिया वैकल्पिक स्थान, मुस्लिम पक्ष ने ठुकराया
भोपाल। मध्य प्रदेश के चर्चित धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने आज मुस्लिम पक्ष के लिए नमाज अदा करने हेतु वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर दिया। प्रशासन ने भोजशाला परिसर से करीब दो किलोमीटर दूर मालीवाड़ा क्षेत्र में एक खुले स्थान को नमाज के लिए निर्धारित करते हुए इसकी जानकारी संबंधित पक्ष को दे दी। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने इस व्यवस्था को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि वह इस स्थान पर नमाज अदा नहीं करेगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया
जानकारी के अनुसार, आज सुबह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने आदेश का अध्ययन किया और उसके अनुरूप आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और न्यायालय के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए मालीवाड़ा क्षेत्र में एक वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया और इसकी सूचना मस्जिद पक्ष को दी। इसके बावजूद शुक्रवार को निर्धारित स्थान पर नमाज अदा नहीं की गई।
मुस्लिम पक्ष ने जताई आपत्ति
मुस्लिम समाज की ओर से मौलाना वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने प्रशासन के फैसले पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया स्थान विवादित भोजशाला परिसर से करीब दो किलोमीटर दूर है, जिसे मुस्लिम पक्ष स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि उनकी मांग न्यायालय के आदेश और पूर्व व्यवस्था के अनुरूप है तथा प्रशासन द्वारा तय किया गया स्थान उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।
फिर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
मुस्लिम पक्ष ने संकेत दिया है कि मामले में सभी याचिकाकर्ता और हस्तक्षेपकर्ता (Intervenors) एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा तय किए गए वैकल्पिक स्थान को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्प अपनाया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अगले शुक्रवार भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थान पर नमाज अदा नहीं की जाएगी, जब तक कि न्यायालय या प्रशासन की ओर से कोई नया निर्णय नहीं लिया जाता।
प्रशासन की नजर कानून-व्यवस्था पर
प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए दोनों पक्षों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों ने बताया कि आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही की जाएगी। फिलहाल, भोजशाला विवाद एक बार फिर कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मुस्लिम पक्ष की संभावित नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट क्या रुख अपनाता है और प्रशासन की व्यवस्था को लेकर आगे क्या निर्देश जारी किए जाते हैं।
