Apple-Samsung के बीच कैसे बना OnePlus ‘फ्लैगशिप किलर’? जानिए भारत में सफलता की पूरी कहानी

Apple-Samsung के बीच कैसे बना OnePlus ‘फ्लैगशिप किलर’? जानिए भारत में सफलता की पूरी कहानी

आज OnePlus प्रीमियम स्मार्टफोन ब्रांड्स में गिना जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कंपनी ने भारतीय बाजार में बेहद अलग रणनीति के साथ कदम रखा था. दिसंबर 2014 में लॉन्च हुए अपने पहले स्मार्टफोन OnePlus One के साथ कंपनी ने खुद को "Flagship Killer" ब्रांड के रूप में पेश किया. इसका मकसद था कि ग्राहकों को Apple और Samsung जैसे महंगे फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स जैसी परफॉर्मेंस और फीचर्स कम कीमत में उपलब्ध कराए जाएं. यही रणनीति OnePlus को कुछ ही वर्षों में भारत के सबसे चर्चित स्मार्टफोन ब्रांड्स में शामिल करने में सफल रही.

शुरुआत में अपनाया था इनवाइट सिस्टम
OnePlus की शुरुआत भी काफी अलग रही. कंपनी ने शुरुआती दो वर्षों तक अपने स्मार्टफोन्स को केवल Invitation System के जरिए बेचा. फोन खरीदने के लिए पहले यूजर्स को साइन-अप करना पड़ता था और कंपनी की ओर से इनवाइट मिलने के बाद ही डिवाइस खरीदी जा सकती थी. उस समय कंपनी का कहना था कि सीमित उत्पादन और बढ़ती मांग को संतुलित रखने के लिए यह मॉडल अपनाया गया था.

2016 में खत्म हुआ Invitation मॉडल
14 जून 2016 को OnePlus 3 के लॉन्च के साथ कंपनी ने इस सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. इसके बाद सभी स्मार्टफोन्स आम बिक्री के लिए उपलब्ध होने लगे. भारत में शुरुआत से ही OnePlus ने Amazon के साथ साझेदारी की और उसके अधिकांश स्मार्टफोन कंपनी की वेबसाइट के साथ-साथ Amazon पर भी उपलब्ध कराए जाते रहे.

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भारत में मजबूत हुआ कारोबार
रिपोर्ट्स के अनुसार, OnePlus ने भारत में मल्टी-बिलियन डॉलर का कारोबार खड़ा किया है. DataFin के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का FY25 राजस्व लगभग ₹12,983 करोड़ रहा और कंपनी लाभ में भी रही. बताया जाता है कि भारत में OnePlus का करीब 2.8 करोड़ (28 मिलियन) यूजर्स का मजबूत बेस मौजूद है. शुरुआत में कंपनी ने फ्लैगशिप और प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन्स पर फोकस किया, लेकिन बाद में बजट और अफोर्डेबल सेगमेंट में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई.

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Apple और Samsung को कैसे दी चुनौती?
जब प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर Apple और Samsung का दबदबा था, तब किसी नए ब्रांड के लिए जगह बनाना आसान नहीं था. OnePlus ने इसी चुनौती को अवसर बनाया.कंपनी ने महंगे फ्लैगशिप फोन की बजाय कम कीमत में दमदार प्रोसेसर, तेज परफॉर्मेंस, साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर अनुभव और प्रीमियम डिजाइन वाले स्मार्टफोन पेश किए. इसी "Flagship Killer" रणनीति ने युवाओं और टेक-प्रेमियों के बीच OnePlus को तेजी से लोकप्रिय बना दिया.

वैश्विक रणनीति में बदलाव
हाल ही में OnePlus ने घोषणा की है कि वह यूरोप और उत्तरी अमेरिका में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना बंद करेगी. कंपनी ने इसे अपनी Global Strategy Adjustment का हिस्सा बताया है. यह फैसला उस समय सामने आया जब रिपोर्ट्स में कहा गया कि पैरेंट कंपनी OPPO अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार का पुनर्गठन कर रही है. हालांकि, भारत को लेकर चल रही अटकलों पर कंपनी ने साफ किया है कि भारतीय बाजार में उसके सभी ऑपरेशन्स सामान्य रूप से जारी हैं और फिलहाल यहां कारोबार समेटने की कोई योजना नहीं है.

भारत और अमेरिका में कितनी है हिस्सेदारी?
OnePlus ने अपने पहले स्मार्टफोन OnePlus One के साथ पहले ही साल 35 देशों में करीब 15 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया था. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में बदलाव आया है. StatCounter के अनुसार, भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में OnePlus की हिस्सेदारी करीब 1.7% है. वहीं Wired की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी स्मार्टफोन बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी अब लगभग 0.1% रह गई है, जो 2021 में करीब 1.8% तक पहुंची थी. इसके बावजूद OnePlus आज भी प्रीमियम Android स्मार्टफोन सेगमेंट में एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड माना जाता है, जिसकी पहचान दमदार परफॉर्मेंस और बेहतर यूजर एक्सपीरियंस के लिए बनी हुई है.

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