महादेव ऐप की आंच भाजपा तक: ईडी की गिरफ्तारी के बाद विकास गर्ग पार्टी से बाहर, करोड़ों की मनी ट्रेल पर सियासी घमासान
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। मामले में गिरफ्तार एबिक्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. विकास गर्ग को दिल्ली भाजपा ने आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक पद से हटाने के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी है। ईडी की गिरफ्तारी के बाद यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब विपक्ष लगातार भाजपा पर सवाल उठा रहा है। वहीं भाजपा का कहना है कि अपराध से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए पार्टी में जगह नहीं है।
डॉ. विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली भाजपा की वेबसाइट से भी उनका नाम हटा दिया गया। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्हें पद से हटाने के साथ पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया है। विकास गर्ग दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और तीन बार विधायक रहे नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। एजेंसी का कहना है कि हवाला और धन के लेन-देन की परतें खोलने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। ईडी के अनुसार, इस मामले में विकास गर्ग की करीब 940 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही जब्त की जा चुकी हैं।
ईडी का दावा है कि महादेव ऐप से जुड़े इस नेटवर्क में छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग इस मामले में गिरफ्तार किए गए 14वें आरोपी हैं। रायपुर की विशेष अदालत में पहले ही 74 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। ईडी का कहना है कि विकास गर्ग को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद गिरफ्तारी की गई। हालांकि उनका नाम किसी एफआईआर में दर्ज नहीं है, फिर भी एजेंसी का कहना है कि जांच के लिए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
इधर, इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कहा कि विकास गर्ग का भारतीय जनता पार्टी से अब कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में ऐसे तत्वों को संरक्षण मिला और अब उसी नेटवर्क की जांच हो रही है। मिश्रा ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।
वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के लिए असहज मानते हुए सवाल उठा रहा है कि यदि विकास गर्ग पार्टी के जिम्मेदार पद पर थे तो उनकी गतिविधियों की जानकारी पहले क्यों नहीं ली गई।
