दुर्ग में बंद पड़े लॉज में चल रहा था जिस्मफरोशी का गोरखधंधा, पुलिस की रेड में बेनकाब हुआ सेक्स रैकेट; 3 गिरफ्तार
दुर्ग। शहर के बीचों-बीच बंद पड़े एक लॉज की आड़ में कथित तौर पर देह व्यापार का गोरखधंधा संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसी की संयुक्त टीम ने देर शाम छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। कार्रवाई के दौरान तीन युवतियां और दो युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मिले, जबकि मौके से करीब 20 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
बंद पड़े लॉज की आड़ में चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस के अनुसार, 28 जून की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम लॉज में अनैतिक देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दबिश दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बंद पड़े लॉज का उपयोग कथित तौर पर देह व्यापार के लिए किया जा रहा था। वहीं, वर्तमान में उसी परिसर में आइसक्रीम पार्लर संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है।
छापेमारी में बरामद हुए नकद और अन्य सामान
पुलिस कार्रवाई के दौरान दो युवक और तीन युवतियां संदिग्ध परिस्थितियों में मिले। मौके पर लॉज का संचालन करने वाला व्यक्ति भी मौजूद था। तलाशी के दौरान पुलिस ने लगभग 20 हजार रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, 80 कंडोम पैकेट तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।
पीटा एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत अपराध दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय गुजराती, नारायण देशमुख और तमाशा कुमार साहू के रूप में हुई है। पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अवैध कमाई के लिए संचालित किया जा रहा था रैकेट
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि आरोपी अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से लॉज की आड़ में कथित देह व्यापार का संचालन कर रहे थे। पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध या अनैतिक गतिविधि संचालित हो रही हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
